4 Beti Bachao Poems in Hindi बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कविता beti padhao Kavita

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  • बेटी बचाओ कविता – Beti Bachao Poems

 

  • बेटी है जग का आधार
    जब माँ हीं जग में न होगी
    तो तुम जन्म किससे पाओगे ?……..
    जब बहन न होगी घर के आंगन में
    तो किससे रुठोगे, किसे मनाओगे ?………
    जब दादी-नानी न होगी
    तो तुम्हें कहानी कौन सुनाएगा ?…
    जब कोई स्वप्न सुन्दरी हीं न होगी
    तो तुम किससे ब्याह रचाओगे ?……
    जब घर में बेटी हीं न होगी
    तो तुम किस पर लाड लुटाओगे ?…..
    जिस दुनिया में स्त्री हीं न होगी
    उस दुनिया में तुम कैसे रह पाओगे ?……
    जब तेरे घर में बहु हीं न होगी
    तो कैसे वंश आगे बढ़ाओगे ?…..
    नारी के बिन जग सूना है
    तुम ये बात कब समझ पाओगे ?….
    – अभिषेक मिश्र ( Abhi )
  • अगर आप कविता, शायरी, Article इत्यादि लिखने में सक्षम हैं, तो हमें अपनी रचनाएँ 25suvicharhindi@gmail.com पर भेजें. आपकी रचनाएँ मौलिक और अप्रकाशित होनी चाहिए.

  • जमाने की ये कहानी
    कहती है एक लड़की जमाने की ये कहानी
    जन्म लड़की का मिला है यही है उसकी नादानी
    सभी कहते है ये उससे तेरी मुस्कान बड़ी सुदंर
    मगर ये रीत कैसी है वो बाहर हसँ नही सकती।
    है वो सपनो की दुनिया मे है चाहत चाँद छूने की
    जमाने की ये हरकतें है बेड़ी उसकी राह की
    कुछ कहते हैं, लड़की है कहाँ जायेगी ये अकेली
    कोई  कहता है दुनिया है नही बाहर निकलने की।
    कोई कहता संभल चलना तू इज्जत है दो घरो की
    घर वाले सभी कहते राजकुमारी है हमारी
    कोई कहता के नाजुक सी कली मेरे घरौदे की
    मगर ये है कली कैसी जो कभी  खिल नही सकती।
    – Kratika Sharma

 

  • बेटी बचाओ
    कहती है बेटी हमें निहार
    मुझे चाहिए प्यार दुलार।
    बेटियों को क्यों
    प्यार नहीं करता संसार।
    सोचिये सभी क्या बेटी बिना
         बन सकता है घर परिवार।
    बचपन से लेके जवानी तक
          मुझ पर लटक रहा तलवार।
    मेरे दर्द और वेदना का
    कब होगा स्थाई उपचार।
    बढ़ते पानी में मैं बह गई
    कौन करेगा नदी के पार।
    मैं बेटी माता भी मैं हूँ
          मैं ही दुर्गा काली अवतार।
    मेरे प्यार में सभी सुखी हैं
          मेरे बिना धरती अंधियार।
    बेटी की दर्द और वेदना का
    कब होगा स्थाई उपचार।
    – कोमल यादव
    खरसिया,रायगढ़(छ0ग0)

 

  • बेटा-बेटी सभी पढ़ेंगे

    नानी वाली कथा-कहानी, अब के जग में हुई पुरानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    बेटी-युग में बेटा-बेटी,
    सभी पढ़ेंगे, सभी बढ़ेंगे।
    फौलादी ले नेक इरादे,
    खुद अपना इतिहास गढ़ेंगे।
    देश पढ़ेगा, देश बढ़ेगा, दौड़ेगी अब, तरुण जवानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    बेटा शिक्षित, आधी शिक्षा,
    बेटी शिक्षित पूरी शिक्षा।
    हमने सोचा, मनन करो तुम,
    सोचो समझो करो समीक्षा।
    सारा जग शिक्षामय करना,हमने सोचा मन में ठानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    अब कोई ना अनपढ़ होगा,
    सबके हाथों पुस्तक होगी।
    ज्ञान-गंग की पावन धारा,
    सबके आँगन तक पहुँचेगी।
    पुस्तक और पैन की शक्ति,जगजाहिर जानी पहचानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    बेटी-युग सम्मान-पर्व है,
    ज्ञान-पर्व है, दान-पर्व है।
    सब सबका सम्मान करे तो,
    जीवन का उत्थान-पर्व है।
    सोने की चिड़िया बोली है, बेटी-युग की हवा सुहानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    – आनन्द विश्वास

 

अगर आप कविता, शायरी, Article इत्यादि लिखने में सक्षम हैं, तो हमें अपनी रचनाएँ 25suvicharhindi@gmail.com पर भेजें. आपकी रचनाएँ मौलिक और अप्रकाशित होनी चाहिए.

33 COMMENTS

  1. Aahuti singh jadon

    Hamari to koey nhi sonta he or batty bacho ka rag gatè rahte h hmm to three sisters he per hmari to koi nahi sunta h mere pita ji ki death ho gye or hmare ghar me ab koi kmane wala nahi h aap hmari problem ko solve kijiye mene twitter per bhi twit kia per koi reply nahi aaya please reply Thanks

  2. Comment:superb agr beti ni hogi to hm bhu ma bhan nani etc sb kha se or kisko khange beti ko janm se phle hi mar dete h kiya unka koi hak ni h jine ka jo log asa karte h meri trf se unki sja mot se b kam h

  3. Lot of Thanks. Koi jabab nahi itne acche.

  4. I’m so proud of me that I’m Girl (Beti)

  5. Thanks for great compliment

  6. Really nice…..!
    lovely poem

  7. tushar kumar choudary

    nice and beautiful

  8. आनन्द विश्वास

    *बेटा-बेटी सभी पढ़ेंगे*
    …आनन्द विश्वास
    नानी वाली कथा-कहानी, अब के जग में हुई पुरानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    बेटी-युग में बेटा-बेटी,
    सभी पढ़ेंगे, सभी बढ़ेंगे।
    फौलादी ले नेक इरादे,
    खुद अपना इतिहास गढ़ेंगे।
    देश पढ़ेगा, देश बढ़ेगा, दौड़ेगी अब, तरुण जवानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    बेटा शिक्षित, आधी शिक्षा,
    बेटी शिक्षित पूरी शिक्षा।
    हमने सोचा, मनन करो तुम,
    सोचो समझो करो समीक्षा।
    सारा जग शिक्षामय करना,हमने सोचा मन में ठानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    अब कोई ना अनपढ़ होगा,
    सबके हाथों पुस्तक होगी।
    ज्ञान-गंग की पावन धारा,
    सबके आँगन तक पहुँचेगी।
    पुस्तक और पैन की शक्ति,जगजाहिर जानी पहचानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    बेटी-युग सम्मान-पर्व है,
    ज्ञान-पर्व है, दान-पर्व है।
    सब सबका सम्मान करे तो,
    जीवन का उत्थान-पर्व है।
    सोने की चिड़िया बोली है, बेटी-युग की हवा सुहानी।
    बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी।
    …आनन्द विश्वास

  9. Your Comment heart touching poem

  10. Your Comment so beautiful and heart touching ooem

  11. Dhruv chaudhary

    Very good story;(8-)8-)8-)8-)

  12. kay aap jan ta ha kay beti kay ha ti ha ne to aap kay krta ki agar beut nahe hoti to aap sab ka kay hota kasa lad kar ta kesa aap sab apni man ki bata aap ni beti sa kara kay abi be kay barat ma asa loga ha kay jo beti ka mar ta asa logo ka to jail ma baj dana chiya

  13. Your Commentwonderfull

  14. Troughtfull and loving words

  15. beti bachao , samag bachao
    beti padhao ,jeevan sundar banao

  16. no rhyming words???????????

  17. बहुत सुन्दर

    • Vry nice poem
      I love poem

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