मोबाइल फ़ोन पर निबन्ध – Essay on Mobile Phone in Hindi Language

Essay on Mobile Phone in Hindi Language – Essay on Mobile Phone in Hindi Language – Essay on Mobile Phone in Hindi Language

 

  • मोबाईल फोन आज के सबसे उपयोगी और जरूरी चीजो में से एक है.
    कुछ पल भी इसके बिना समय बिताना अब भारी पड़ता है.
    लोग इसके आदी हो चुके हैं. जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है ये.
    हर परेशानी का हल, सुगम और सुलभ छोटे से डिब्बे में समायी दुनिया हो जैसे, आकर्षक और लुभावना जो समय के साथ नया और गहरा होता ही जा रहा है.

 

  • मोबाईल का अर्थ होता है चलता-फिरता या गतिशील इसलिए इस फोन को मोबाईल कहते हैं जिसे कभी भी कहीं भी ले जाया जा सकता है बिना तार या ऐन्टिने के जो नेटवर्क सिग्नल के आधार पर चलता है बैटरी की सहायता से.
  • मोबाईल फोन के लाभ:

  • ये आसानी से खरीदा जा सकता है और बाजार में सबके बजट के हिसाब से भी उपलब्ध है.
  • इससे दूसरे फोन में बात करने के अलावा हम संदेश (एस.एम.एस) भी आसानी से भेज सकते हैं.
  • अब इन्टरनेट के मोबाइल फोन से जुड़ने के बाद इसकी खासियतें बहुत बढ़ गयी हैं और समय के
    साथ इसकी सुविधाएँ भी लगातार बढ़ती जा रही है.
  • गाने, कैमरा, ई-मेल, मल्टीमीडिया संदेश, विडियो संदेश और आज इसकी सहायता से मीलों दूर बैठे किसी अपने की र्सिफ आवाज ही नहीं सुन सकते बल्कि उन्हें देखकर बातें कर सकतें हैं विडियो कॉल के द्वारा, और साथ ही कितने सारे सॉफ्टवेयर एप्प हैं जो डाउनलोड कर काम के अनुसार उपयोग में लाए जा सकते हैं जैसे; नैविगेशन एप्प से रास्ते ढुढँने में मदद मिलती है.
  • इससे समय की भी काफी बचत होती है. आज बैंकों के लेनदेन इससे आसानी से हो जाते हैं.

    ये लाखों लोगो के रोजगार का भी साधन है.

  • इस फोन के फायदे अनेक हैं और साथ ही नुकसान भी
  • मोबाईल फोन की हानियाँ:

  •         अधिकत्तर लोग इसका उपयोग केवल अपने मंनोरंजन के लिए करते हैं और इससे समय की बर्बादी होती है, जिसमें कितने आवश्यक काम किॆए जा सकते हैं, और ये एक सबसे बड़ी हानि है.
  • खासकर विद्यार्थीयों के लिए जो इसमें खुदको उलझाए रखते हैं पढ़ाई-खेलकुद सब छोड़कर जो उनके विकास में एक बाधा है, साथ ही किसी भी देश या अर्थव्यवस्था के लिए क्योंकि आज का युवा ही देश का भविष्य होता है.
  • कई र्दुघटनाएँ भी इसकी वजह से अक्सर होती रहती हैं जब गाड़ियाँ चलाते वक्त लोग इससे बात करते हैं.
  • किसी भी वक्त फोन या मैसेज(संदेश) आ जाने से एकाग्रता भी टुट जाती है.
  • ये जरुरत से ज्यादा ये फैशन बना हुआ है.

 

  • आज लोगो में सहनशीलता कम होती जा रही इसका भी एक कारण ये है, परिवार से ज्यादा वक्त
    फोन को दिया जाता है आसपास की दुनिया का ख्याल भी नहीं रहता है ये जब हाथों में हो तो.
  • छोटे से जोड़-घटाव के लिए भी कैलक्युलेटर का इस्तेमाल किया जाता है.
  • लिखना अब ना के बराबर हो गया है, कोई बात अब ध्यान से सुनने की जरूरत नहीं समझी जाती क्योंकि हर बात का जवाब गूगल में मिल जाता है.

  • एैसी ही कितने सारे नुकसान इससे जुड़े हैं, उसमें से एक इसके ज्यादा उपयोग से कई प्रकार
    की शारिरिक परेशानियाँ भी हो सकती हैं.
  • विज्ञान के ये अविष्कार हमारी सुविधाओं के लिए हैं पर इनका उपयोग से ज्यादा दुरूपयोग किया जाता है.
    सही विकास तो वो होता है जिसमें सुख-चैन हों, ये हमें कुछ वक्त की खुशी तो देते हैं पर भविष्य में
    परेशानीयाँ ही खड़ी करते हैं. और सभी जिम्मेदार खुद ही होते हैं क्योंकि हर चीज की एक सीमा होती है
    सीमा से ज्यादा कुछ भी सही नहीं होता.
    – ज्योति सिंहदेव

 

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4 COMMENTS

  1. Soooooooooooo gooooooood
    From me and from my family

  2. itna bdiya article meine apni jindigi mein nahi pada tha | VVVVVVVVVVVEEEEEEEEERRRRRRRRRRRYYYYYYYYYY
    GOOOOOOOOD.

  3. बहुत ही बढ़िया article है। …. Thanks for sharing this!! 🙂 🙂

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