माँ पर 3 हिन्दी कविताएँ – Poem on Mother in Hindi Language

Poem on Mother in Hindi Language | A best poems for mothers day, small & Short poetry related to my maa for kids माँ पर कविता Poem on Mother in Hindi Language

 

  • ऐसी होती है माँ

 

  • हमारे हर मर्ज की दवा होती है माँ….
    कभी डाँटती है हमें, तो कभी गले लगा लेती है माँ…..
    हमारी आँखोँ के आंसू, अपनी आँखोँ मेँ समा लेती है माँ…..
    अपने होठोँ की हँसी, हम पर लुटा देती है माँ……
    हमारी खुशियोँ मेँ शामिल होकर, अपने गम भुला देती है माँ….
    जब भी कभी ठोकर लगे, तो हमें तुरंत याद आती है माँ…..
    दुनिया की तपिश में, हमें आँचल की शीतल छाया देती है माँ…..

    खुद चाहे कितनी थकी हो, हमें देखकर अपनी थकान भूल जाती है माँ….
    प्यार भरे हाथोँ से, हमेशा हमारी थकान मिटाती है माँ…..
    बात जब भी हो लजीज खाने की, तो हमें याद आती है माँ……
    रिश्तों को खूबसूरती से निभाना सिखाती है माँ…….
    लब्जोँ मेँ जिसे बयाँ नहीँ किया जा सके ऐसी होती है माँ…….
    भगवान भी जिसकी ममता के आगे झुक जाते हैँ
    – कुसुम
  • माँ मैं फिर
    माँ मैं फिर जीना चाहता हूँ, तुम्हारा प्यारा बच्चा बनकर
    माँ मैं फिर सोना चाहता हूँ, तुम्हारी लोरी सुनकर
    माँ मैं फिर दुनिया की तपिश का सामना करना चाहता हूँ, तुम्हारे आँचल की छाया पाकर
    माँ मैं फिर अपनी सारी चिंताएँ भूल जाना चाहता हूँ, तुम्हारी गोद में सिर रखकर
    माँ मैं फिर अपनी भूख मिटाना चाहता हूँ, तुम्हारे हाथों की बनी सूखी रोटी खाकर
    माँ मैं फिर चलना चाहता हूँ, तुम्हारी ऊँगली पकड़ कर
    माँ मैं फिर जगना चाहता हूँ, तुम्हारे कदमों की आहट पाकर
    माँ मैं फिर निर्भीक होना चाहता हूँ, तुम्हारा साथ पाकर
    माँ मैं फिर सुखी होना चाहता हूँ, तुम्हारी दुआएँ पाकर
    माँ मैं फिर अपनी गलतियाँ सुधारना चाहता हूँ, तुम्हारी चपत पाकर
    माँ मैं फिर संवरना चाहता हूँ, तुम्हारा स्नेह पाकर
    क्योंकि माँ मैंने तुम्हारे बिना खुद को अधूरा पाया है. मैंने तुम्हारी कमी महसूस की है .
    – अभिषेक मिश्र ( Abhi )

 

  • माँ का एहसास
    मीठा एहसास हुआ मुझको
    जब गोद में आयी तुम मेरे
    पूर्ण हो गया जीवन मेरा
    जब गोद में आयी तुम मेरे
    सारी पीडा़ दूर हो गयी
    रुह की ममता जाग गयी
    नैनो में एक आशा छायी
    जब गोद में आयी तुम मेरे
    नया एक अब नाम मिला
    नया रुप जीवन में खिला
    पतझड़ में फिर से बहार आयी
    जब गोद में आयी तुम मेरे
    देखा जब पहली बार तुझे
    चुँमा जब पहली बार तुझे
    दिल अति आनन्दित हो गया
    जब गोद में आयी तुम मेरे
    डुबते को जैसे किनारा मिले
    अनाथ को जैसे सहारा मिले
    वो एहसास हुआ मुझको
    जब गोद में आयी तुम मेरे
    सुनी जब तेरी किलकारी
    देखी जब तेरी मनुहारी
    दिल में उमंग सा छा गया
    जब गोद में आयी तुम मेरे
    आशीष यही अब है मेरी
    काबिलियत हो तुममे इतनी
    इतराऊँ भाग्य पर मै अपनी
    कि गोद में खेली तुम मेरे
    – कंचन पाण्डेय GURUSANDI MIRZAPUR UTTAR PRADESH

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21 COMMENTS

  1. Mumaa ko kbhi dhuki mt krna kyuki agr mumaa uske bete se dhukhi ho jaye to samjhlo tumhara janm bekar hai
    Maa ki respect krna tumhari sbse bdi punji hai
    I luv mumaa
    Muuuaahhh

  2. MA ka Ehshas best poem by KANCHAN PANDEY

  3. very very sweet poem

  4. Maa to maa hoti h….maa or bhagwan dono ek h.

  5. Ma se badh ker kun
    jo samajh sake
    ma se badh ker kun
    jo chamak sake
    andhera ho deep bane
    muskil ho hall bane
    dard ho to aaram
    dhoop ho to chaoon
    maa se badh ker kun
    maa se badh ker kun

  6. Bahut achi hai ye kabita

    • Maa ke bina koi na apna hai sab kahne ko apna pari maurya

    • Absolutely right…it’s an awesome poem…

  7. Poem on Mother in Hindi Language – A best poems for mothers day, small & Short poetry related to my maa for kids short language about emotional mother day a beautiful mothers day

  8. Ajay Kumar Tiwari

    Maa Mamta ki Ajab Parchhai Hai
    Uske Anchal ke Tale Humne Ek Alag hi Duniya pai Hai;
    Maa Hi Pavitra Shabda H Jisme Puri Duniya Samai H.

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