क्रिसमस पर निबन्ध – Short Essay On Christmas in Hindi

Short Essay On Christmas in Hindi – Short Essay On Christmas in Hindi – Short Essay On Christmas in Hindi
क्रिसमस पर निबन्ध - Short Essay On Christmas in Hindi

 

  • क्रिसमस

 

  • क्रिसमस वैसे तो ईसाईयों का त्यौहार है. परंतु अब पूरे विश्व में मनाया जाता है. क्योंकि वैश्वीकरण ने देशों के मध्य भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया है. और कई त्यौहार जो किसी एक देश तक सीमित थे वो अब विश्व भर में मनाये जाते हैं. जैसे कि क्रिसमस,  दीवाली और अन्य त्यौहार. क्रिसमस शब्द क्राइस्ट मास शब्द से बना है.
  • यह पर्व जीसस क्राइस्ट के जन्म उत्सव यानी 25 दिसंबर को मनाया जाता है. और जीसस क्राइस्ट यानी ईसा मसीह  का जन्म अर्ध रात्रि के समय हुआ था इसलिए इस त्यौहार को रात्रि के समय मनाया जाता है. पहली बार क्रिसमस का त्यौहार 336 ई में रोम में मनाया गया था.
    ईसाईयों का धर्म ग्रन्थ जिसे बाइबल कहा जाता है उसके न्यू टेस्टामेंट में जीसस के जन्म की कथा को कुछ इस प्रकार बताया गया है कि ईश्वर ने गेब्रियल नामक देवों के दूत को मैरी नाम की कुंवारी लड़की के पास सन्देश देने के लिए भेजा. और उसने मैरी को बताया कि वह इश्वरिय पुत्र को जन्म देने वाली हैं जिसका नाम उसे जीसस रखना है. वह बड़ा होकर राजा बनेगा. और उसके बाद देवों के दूत गेब्रियल ने जोसेफ को भी बताया कि उसे मैरी नाम की लड़की से शादी करनी है जो कि ईश्वर के पुत्र को जन्म देगी. उसे उसकी रक्षा करनी है और उसका कभी परित्याग नहीं करना. एक रात मैरी और जोसेफ बेथलेहम के लिए निकले रास्ते में तूफ़ान और आंधी की वजह से उन्हें एक अस्तबल में शरण लेनी पड़ी. जहाँ मेरी ने 25 दिसंबर की आधी रात को ईश्वरीय पुत्र जीसस को जन्म दिया.  इसलिए 25 दिसम्बर को क्रिसमस मनाया जाता है.
    क्रिसमस शांति का त्यौहार है क्योंकि धर्म ग्रन्थ के अनुसार ईसा मसीह को शांति का राजकुमार कहा जाता है और क्रिसमस के दिन को लोग बड़े ही धूम-धाम से मानते हैं इस दिन लोग चर्च व घरों में जीसस क्राइस्ट और मदर मैरी की मोमबत्ती जलाकर पूजा करते हैं चर्चों में इस दिन बहुत रौनक होती है. लोग अपने घरों के आँगन में क्रिसमस ट्री लगाते हैं और ट्री को उपहारों और लाइट से सजाते है और बड़े ही उत्साह से कैरोल गाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर इस पर्व को मानते हैं.
    और सेंट निकोलस यानि हमारे सांता इन्हें हम कैसे भूल सकते हैं क्रिसमस का त्यौहार और सांता न हो ऐसा असंभव है यह तो वह पात्र हैं जिनका इंतज़ार हर घर में हर बच्चे को रहता है पौराणिक कथाओं के अनुसार सांता क्लॉस वह व्यक्ति थे जो 24 दिसंबर की रात को घर में आकर बच्चों को उपहार देते थे इसी के साथ वह बच्चों को मानवता ,शांति व प्रेम का सन्देश देते थे. इसीलिए आज भी कुछ लोग क्रिसमस के दिन लाल कपडे पहनकर सफ़ेद दाढ़ी लगाकर सांता बनके बच्चों को उपहार देते हैं. और खुशियाँ बांटते हैं.

 

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