ताकत पर 19 विचार – Thoughts on Strength in Hindi Language

Thoughts on Strength in Hindi
Thoughts on Strength in Hindi

 

  • कमजोर

 

  • कमजोर होना इस दुनिया में सबसे बड़ा पाप है, इसलिए आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से इतने मजबूत बनिए.
    कमजोर होना → सबसे बड़ा पाप………
  • जबतक आप अपनी कमजोरी नहीं जानेंगे, तबतक आप उसे दूर नहीं कर सकते हैं.
  • कई बार हम अपनी कमजोरी जानते हुए भी उसे स्वीकार नहीं करते हैं, और नतीजा यह होता है कि वो कमजोरी हमें नुकसान पहुंचाती रहती है.
  • कमजोर होना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन कमजोरी को कमजोरी बने रहने देना सबसे बड़ा गुनाह है.
  • हम दूसरों को उपदेश देने में अपना समय बर्बाद करते हैं, लेकिन कभी खुद का मूल्यांकन नहीं करते हैं.
  • जब आप अपने से कमजोर व्यक्ति को सताने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करते हैं, तो यही पाप है.
  • एक ताकतवर व्यक्ति हीं इस दुनिया में कोई भी बदलाव ला सकता है, बाकि लोग केवल रोना रोते रह जाते हैं.
  • अभ्यास के बिना हमारी ताकत न तो बरकरार रह सकती है और न तो बढ़ सकती है.
  • जिन लोगों की इच्छाशक्ति में ताकत होती है, केवल वे लोग जीवन में सफल होते हैं.
  • स्त्रियों की ताकत उनकी सुन्दरता होती है, जबकि पुरुषों की ताकत उनके कर्म होते हैं. रोना बच्चों की ताकत होती है.
  • जो लोग अपनी कमजोरी नहीं जानते हैं, उन्हें अपनी कमजोरी भी नहीं पता होती है.
  • आप अपने अंदर जितने ज्यादा गुण समाहित करते जायेंगे, आप उतने ज्यादा ताकतवर होते चले जायेंगे.
  • जो व्यक्ति सच में ताकतवर होता है, वह अपने से कमजोर लोगों की मदद करता है.
  • मन की ताकत हीं हमें गिरने पर फिर उठाती है.
  • कभी-कभी झुक जाना भी अच्छा होता है, क्योंकि झुकना यह साबित नहीं करता है कि आपकी ताकत कम हो गई है. बल्कि यह इस बात को साबित करता है कि आप बुद्धिमान हैं.
  • अपने से ताकतवर व्यक्ति से भिड़ना मूर्खता है.
  • कभी किसी को कमजोर मत बनाइए, यह सबसे बड़ा पाप है.
  • अपने प्यार को कभी भी अपनी कमजोरी मत बनने दीजिए, चाहे किसी ने आपका दिल तोड़ हीं क्यों न दिया हो.
  • ज्यादातर लोग प्यार में चोट खाने के बाद अपनी जिंदगी खुद बर्बाद कर लेते हैं, जबकि जिन्दगी ने उनके लिए बहुत सारे उपहार तैयार रखे होते हैं.

 

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