मतलबी दुनिया शायरी Matlabi Duniya Shayari in Hindi badi matlabi duniya hai dost :

मतलबी दुनिया शायरी Matlabi Duniya Shayari
मतलबी दुनिया शायरी Matlabi Duniya Shayari in Hindi badi matlabi duniya hai dost

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  • अपने मतलब के लिए लोग कितना बदल जाते हैं,
    अक्सर राह में हाथ छोड़ कर आगे निकल जाते हैं।
  • अपने मतलब के लिए करते हैं दोस्ती का वादा,
    लेकिन पीठ दिखाते ही लोग कत्ल कर जाते हैं।
  • न कोई पास है न कोई जुदा है,
    मतलबी दुनिया का बस मतलब ही ख़ुदा है।
  • मतलब की दुनिया के आगे सभी रिश्ते फीके पड़ जाते हैं,
    रिश्तों की लाश पे पांव रख कर लोग आगे निकल जाते हैं।
  • अंदाज़ा लगा लो मतलबी दुनिया की हद का,
    यहाँ मुफ्त में किसी लाश को कफ़न भी नहीं मिलता।
  • क्या समझेगी बेमोल मुहब्बत ये मतलबी दुनिया,
    यहाँ तो इश्क़ भी टुकड़ों में बिका करता है।
  • वो दौर चला गया जब रिश्तों के मतलब होते है,
    ये दौर नया है जहाँ मतलब के रिश्ते होते हैं।
  • इश्क़ का दर्द क्या समझे ये जो दुनिया मे लोग बसते हैं,
    ये मतलबी जो गिरे हुए हर इंसान के दर्द पे हँसते हैं।
  • इश्क़ की महफ़िल जवां होने की वाली थी,
    कि मतलब की आग ने सब जला कर खाक कर दिया।
  • हमारे जख्म इसी मतलबी दुनिया ने दिए हैं कि हमने,
    अपना बेमोल इश्क़ मतलब के भाव बिकते देखा है।
  • वो मेरे हैं ये मानने में ये भूल बैठे थे हम,
    मतलबी दुनिया में कोई किसी का नहीं होता।
  • ये तोहफ़ा दिया है इस मतलबी दुनिया ने हमको,
    कि गैरों पे भरोसा करने वाले को अपनो में यकीं नहीं आता।
  • प्यार का होना ज़रूरी नहीं अब इन रिश्तों में जनाब,
    इस मतलबी दुनिया में मतलब के रिश्ते ज्यादा चलते हैं।
  • आज मशहूर हूँ तो रिश्ता बना रही है ये मतलबी दुनिया,
    मेरी गुमनामी में सबसे ज़्यादा ठोकर मारी थी इसी ने।
  • लुत्फ उठा लो जब तक ऊपर रखे है ये मतलबी दुनिया,
    जिस दिन नीचे आ गए, कदमों से रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
  • कुछ यूं ढाला है मतलबी दुनिया के साँचे ने हमको,
    की सबसे वास्ता है पर किसी से राब्ता नहीं।
  • क्या शिकायत करूँ इस मतलबी दुनिया की ख़ुदा से,
    ये दुनिया उसे भी तो मतलब पे ही याद करती है।
  • इस दुनिया में कौन किसी का क्या हुआ करता है,
    मतलबी दुनिया है, मतलब का ही ख़ुदा हुआ करता है।
  • इस दुनिया ने अपने ख़ंजर से दिए है इतने ज़ख़्म
    की अब तो मतलबी दुनिया है और मतलबी हैं हम।
  • ये जो गरज़ रहे हैं बादल बरसें या नहीं क्या पता,
    मतलबी दुनिया है ये, लोग बदल जाते हैं, मौसम का क्या भरोसा।
    – अंशु प्रिया (anshu priya)

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