पिता की मृत्यु ( हिन्दी कविता ) – Beautiful Lines For Father in Hindi :

पिता की मृत्यु ( हिन्दी कविता ) – Beautiful Lines For Father in Hindi
पिता की मृत्यु ( हिन्दी कविता ) - Beautiful Lines For Father in Hindi

पिता की मृत्यु ( हिन्दी कविता ) – Beautiful Lines For Father in Hindi

  • मैं आपको आवाज़ दूँगा हर दिशाओं में

  • साये की तरह आप मेरे साथ रहे,
    मेरे हँसने पर हँसे मेरे रोने पर रोये थे।
    जब भी डरे हुए होठों से आवाज़ दी मैंने,
    आकर हर उलझन में पहले से ही खड़े थे आप।
    एक सौंधी खुशबू थी आपकी छुअन में,
    कितना भी उदास रहता था,
    आपकी छुअन से दिल झूम जाता था, लव खिलखिला उठते थे।
    मेरे जीवन में आप क्या थे,क्या हो?
    ये लफ्जों में बयां करना मुमकिन नहीं,
    आपको आग के हवाले कर आज मैं खुद को जला बैठा,
    लेकिन अब भी जो शख्स मुझमें जी रहा है वो कोई और नहीं आप हो।
    जब मैंने आपको कंधा दिया,
    अचानक एक दर्द उठा मेरे सीने में,
    एहसास हुआ क्या होती है जिम्मेदारी,
    कंपकंपाते हुए हाथों से जब मैं अग्नि दे रहा था,
    कैसे बताऊं की मेरी गीली-धुंधली आँखों ने क्या-क्या मंजर देखा था।
    पर हाथों में एक अजीब सी ताकत मिली थी उस क्षण,
    लगा मुस्कुराते हुए मेरे उदासी के पल में मुझे सहला रहे हो आप।
    इस एहसास ने फिर मेरी आँखों में आँसुओं के सैलाब ला दिया,
    मैं चीख-चीख कर रो रहा था आपकी चिताओं के पास बैठकर।
    पर हे पिता आपने फिर चतुराई दिखाई,
    चिता की आग को ठंडा कर दिया,
    बस वहाँ राख ही राख बचा था,
    मालूम है अंधेरा होने से पहले मुझे घर भेजना चाहते थे आप।
    कोई बात नहीं आप जहाँ जाना चाहते हैं जाइये लेकिन,
    मैं आपको आवाज़ दूँगा हर दिशाओं में,
    आपको आना होगा कम से कम मेरे ख्वाबों में,मेरे सपनों में और आकर मुझे एक बार बेटा कहकर पुकार लेना, मुझे गले से लगा लेना,
    आपके बिना कैसे चलूँगा फिर से उँगली पकड़ कर थोड़ा रास्ते में बढ़ा देना हे पिता जी आप हरपल मुझे इतना एहसास दिला देना।
    मैं आपका बेटा हूँ ‘अपूर्व’ नाम है मेरा,
    आकर मुझे मेरा नाम बता देना।
    – हिमांशु शर्मा ‘हेमु’

.