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मेरी डायरी के पन्ने – Meri Dairy Se Quotes Poem Shayari Status in Hindi Diary Ke Panne

मेरी डायरी के पन्ने – Meri Dairy Se Quotes Shayari Status in Hindi Meri Diary Ke Panne
मेरी डायरी के पन्ने - Meri Dairy Se Quotes Shayari Status in Hindi Meri Diary Ke Panne

मेरी डायरी के पन्ने – Meri Dairy Se Quotes Poem Shayari Status in Hindi Meri Diary Ke Panne

  • तुम पास हो

  • कभी कभी रौशनी का ना होना भी
    अच्छा लगता है
    क्योंकि ऐसे में अक्सर
    पास आती हैं तुम्हारी यादें…..
    पल दो पल
    तुम्हें अपनी स्मृतियों में
    महसूस कर लेती हूँ
    और एक बार फिर
    मेरा विश्वास
    प्रबल हो उठता है
    कि तुम दूर होकर भी
    मेरे पास हो
    बस यहीं कहीं हो
    मेरे साथ हो…….
    – A Guest Post By रजनी झा.

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  • जिद

  • ये कैसी जिद है मेरी
    कि मैं टूटूं
    और टूट भी ना पाऊं
    मैं रोऊँ
    और रो भी ना पाऊं
    कि हंसे मेरे होंठ
    और मैं हंसू भी ना
    कि मैं मैं हीं रहूँ
    और कुछ कहूँ भी नहीं
    ये कैसी जिद है मेरी
    कि मेरा रिश्ता चलता रहे
    और मैं बढूँ भी ना
    कि लपटें धधकती रहे
    चारों ओर मेरे
    और मैं जलूं भी ना
    कि जल जल कर
    जिस रिश्ते को संवारूं
    उसकी खुदगर्जी पर
    मैं थमूं भी ना
    ये कैसी जिद है मेरी
    आखिर कैसी जिद है मेरी
    – A Guest Post By रजनी झा

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  • Jid
  • ye kaisee jid hai meree
    ki main tootoon
    aur toot bhee na paoon
    main rooon
    aur ro bhee na paoon
    ki hanse mere honth
    aur main hansoo bhee na
    ki main main heen rahoon
    aur kuchh kahoon bhee nahin
    ye kaisee jid hai meree
    ki mera rishta chalata rahe
    aur main badhoon bhee na
    ki lapaten dhadhakatee rahe
    chaaron or mere
    aur main jaloon bhee na
    ki jal jal kar
    jis rishte ko sanvaaroon
    usakee khudagarjee par
    main thamoon bhee na
    ye kaisee jid hai meree
    aakhir kaisee jid hai meree
    – A Guest Post By Rajni Jha
  • मेरी डायरी के पन्ने – Meri Dairy Se Quotes Shayari Status in Hindi Meri Diary Ke Panne

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लाल बहादुर शास्त्री पर कविता – Poem On Lal Bahadur Shastri in Hindi

लाल बहादुर शास्त्री पर कविता – Poem On Lal Bahadur Shastri in Hindi
लाल बहादुर शास्त्री पर कविता - Poem On Lal Bahadur Shastri in Hindi

Poem On Lal Bahadur Shastri in Hindi

  • .लाल बहादुर शास्त्री
    दो अक्टूबर का दिन क्या खूब था
    जन्म लिया बालक ने नाम लाल था
    बचपन गरीबी में गुजरा न मलाल था
    शिक्षा क़ो लेकर सजग माँ का लाल था  .
    जय जवान , जय किसान
    दिया था जिन्होने   नारा
    सत्य और साधारणतः
    था जिनको जाँ से प्यारा .
    दुश्वारियों से लड़कर जिसने
    अपना मुकाम बनाया
    शत शत नमन इन महापुरुष क़ो
    जीने का स्वप्न दिखाया .
    आजादी की लड़ाई के योद्धा
    करमवीर और प्रबुद्ध थे नेता
    फर्श से अर्श तक सफर किया
    अपने नूर का सितारा चमका दिया
    बापू ​गाँधी जी के प्राण प्रिय थे
    चाचा नेहरू के राज दुलारे बने
    देश के प्रति कर्तव्य अपना निभाते रहे
    मुश्किलों में भी कर्तव्य पथ पर अडिग रहे .
    उच्च पद प्राप्त कर भी न सादगी खोई
    जिस दिन निकले प्राण हर आँख रोई
    ताशकंद समझौता जान ले गया .
    मौत की गोद में माँ का लाल सो गया .
    – ​राशि सिंह
    मुरादाबाद उत्तर प्रदेश

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  • Lalbahadur Shastri

  • 2 October ka din kya khoob tha
    janm liya baalak ne naam laal tha
    bachapan gareebee mein gujara na malaal tha
    shiksha qo lekar sajag maan ka laal tha  .
    jay javaan , jay kisaan
    diya tha jinhone   naara
    saty aur saadhaaranatah
    tha jinako jaan se pyaara .
    dushvaariyon se ladakar jisane
    apana mukaam banaaya
    shat shat naman in mahaapurush qo
    jeene ka svapn dikhaaya .
    aajaadee kee ladaee ke yoddha
    karamaveer aur prabuddh the neta
    pharsh se arsh tak saphar kiya
    apane noor ka sitaara chamaka diya
    baapoo gaandhee jee ke praan priy the
    chaacha neharoo ke raaj dulaare bane
    desh ke prati kartavy apana nibhaate rahe
    mushkilon mein bhee kartavy path par adig rahe .
    uchch pad praapt kar bhee na saadagee khoee
    jis din nikale praan har aankh roee
    taashakand samajhauta jaan le gaya .
    maut kee god mein maan ka laal so gaya .
    – raashi sinh
    muraadaabaad uttar pradesh
  • लाल बहादुर शास्त्री पर कविता – Poem On Lal Bahadur Shastri in Hindi
  • गुरु / शिक्षक पर कविता Poem on guru in Hindi Teacher par kavita lines txt guruji poetry

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वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan

वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan
वीर रस के उदाहरण - Veer Ras Ke Udaharan

वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan

  • साजि चतुरंग सैन अंग मैं उमंग धारि,
    सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है ।
    भूषन भनत नाद बिहद नगारन के,
    नदी नद मद गैबरन के रलत हैं ॥
  • बुन्देले हर बोलो के मुख हमने सुनी कहानी थी
    खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी ।
  • वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो।
    हाथ में ध्वज रहे बाल दल सजा रहे,
    ध्वज कभी झुके नहीं दल कभी रुके नहीं 
    वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो

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  • मैं सत्य कहता हूं, सके सुकुमार न मानो मुझे।

    यमराज से भी युद्व को, प्रस्तुत सदा मानो मुझे।।

  • वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan
  • ​यह भूमी है वीरों की

    देशभक्त और शहीदों की
    झुकते नहीं दबते नहीं
    पीछे कदम हटते नहीं
    यह भूमि है रणवीरों की​
    आए मुसीबत जो देश पर
    तब सब कुछ हम छोड़कर
    खुद को खुद से ही दूर कर
    बन जाते हैं हम ऐसे जलजले
    जिस की तपस में सब  जले ​
    सीने हैं अपने फौलादी से
    जीते हैं हम संग आजादी के
    दुश्मन की यह औकात कहाँ
    जो ​आँख उठे वह आँख कहाँ
    सीने कर ले छलनी  गोली से
    देश हमको जाति धर्म से ऊँचा है
    खून पसीने से इसको तो सींचा है
    बैर भाव कोई अपने मन में नहीं
    तूफानों से हम सब कम तो नहीं
    यह देश है उपवन बाग सरीखा है .
    सीने पर जब भी लागी गोली
    भारत माता बोले हम हमजोली
    मान  देश का न कभी झुकने दिया
    घास खाई फिर चाहे जहर पिया
    जय घोष हमारा सारी दुनियाँ बोली .
    यह ​बंदूकें  क्या  हमें  डराएंगी 
    शोले आँखों से हम छलकाते हैं
    रुक जाती है वायु भी बहना
    जब सीने चौंडे कर हम आते हैं
    यूँ ही नहीं दुनियाँ में हम
    हिंदवासी कहलाते हैं .

  • ​- ​राशि सिंह
  • ​मुरादाबाद उत्तर प्रदेश
  • वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan
  • Veer Tum Badhe Chalo Poem – वीर तुम बढ़े चलो कविता

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