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Poem On Earth Day in Hindi Font || पृथ्वी पर कविता | पोएम ऑन अर्थ डे इन हिंदी :

Poem On Earth Day in Hindi Font || पृथ्वी पर कविता | पोएम ऑन अर्थ डे इन हिंदी

Poem On Earth Day in Hindi Font || पृथ्वी पर कविता Poem On Earth Day in Hindi Font || पृथ्वी पर कविता | पोएम ऑन अर्थ डे इन हिंदी धरती / पृथ्वी है धरा ये, पृथ्वी भी यहीप्यार से पाए हैं इसने नाम कईधरती माँ कहकर पुकारते हैं इसे सभीहर भाग है इसका अनुपमहो फिर हरी-भरी भूमिया मरुस्थल रेतीली तपतीकहीं पर …

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कुछ छोटी-छोटी कविताएँ || Some Poems in Hindi language सम पोएम्स इन हिंदी :

कुछ छोटी-छोटी कविताएँ - Some Poems in Hindi Language

कुछ छोटी-छोटी कविताएँ || Some Poems in Hindi language  Some Poems in Hindi कितनी नावों में कितनी बार कितनी नावों में कितनी बारपता नहीं जन्म सेमृत्यु तककितनी नावों में कितनी बारसफर करता है मानवउत्थान – पतनदेवत्व – दानवत्वघृणा – श्रद्धाजय – पराजयउत्साह – निराशाप्रणय – विरोधभोग – योगशिष्टत्व – अशिष्टत्वअपना – परायागुरुत्व – शिष्यत्वदूरदर्शिता – अदूरदर्शिताआदि नावों मेंबार-बार चढ़ता हैराज …

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हरिवंश राय बच्चन पोयम्स इन हिंदी – Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi :

हरिवंश राय बच्चन पोयम्स इन हिंदी - Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi

Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi –  हरिवंश राय बच्चन पोयम्स इन हिंदी क्षण भर को क्यों प्यार किया था? Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi – 1 क्षण भर को क्यों प्यार किया था?अर्द्ध रात्रि में सहसा उठकर,पलक संपुटों में मदिरा भरतुमने क्यों मेरे चरणों में अपना तन-मन वार दिया था?क्षण भर को क्यों प्यार किया था?यह अधिकार कहाँ से …

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Sad Poetry in Hindi Language सैड पोएर्टी इन हिंदी फॉन्ट क्या करूँ बता ऐ ज़िन्दगी :

sad poetry in hindi language

Sad Poetry in Hindi Language सैड पोएर्टी इन हिंदी फॉन्ट Sad Poetry in Hindi Language सैड पोएर्टी इन हिंदी फॉन्ट क्या करूँ बता ऐ ज़िन्दगी क्या  करूँ  बता   ऐ ज़िन्दगी मेरा  वजूद  यूँ  मिटा  जा  रहा  क्या  करूँ   बता   ऐ ज़िन्दगी …२ न  मैं  हु  न  है  अब  कोई , क्या  करूँ   बता   ऐ ज़िन्दगी …

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3 Poem On Father in Hindi पिता पर हिंदी भाषा में कविता || language font pita papa dad :

Poem On Father in Hindi Language - पिता पर कविता

Poem On Father in Hindi language font. | पोएम ऑन फादर इन हिंदी लैंग्वेज पिता Poem On Father in Hindi  Language – पिता पर कविता जीवन मिला जिनसे, वो जीवनदाता हैं पिता !!पुकारा जाए चाहे जिस भी भाषा में कहकर पापा, बाबा, बाबूजी हर बोली मेंइनके लिए है वही प्यार और सम्मान भरा।।थामे जिनकी उंगली बचपन चलाजिनकी मजबूत कांधों पर …

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भारत पर हिंदी कविता – Poem On Bharat in Hindi :

Poem On Bharat in Hindi - आओ मिलकर बनाएँ अपना भारत महान

भारत पर हिंदी कविता – Poem On Bharat in Hindi भारत पर हिंदी कविता – Poem On Bharat in Hindi हाँ मैं आजाद हिंदुस्तान लिखने आया हूँ भूखे, गरीब, बेरोजगार, अनाथों और लाचार की दास्तान लिखने आया हूँहाँ मैं आजाद हिंदुस्तान लिखने आया हूँ|एक ही कपड़े में सारे मौसम गुजारनेवालेसूखा, बाढ़ और ओले से फसल बर्बाद होने पर रोने और …

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New Poems in Hindi – क्या लिखूं ? मन की कहानी लिखूं या आँखों का पानी लिखूं :

New Poems in Hindi - क्या लिखूं ? - New Poems in Hindi

New Poems in Hindi – न्यू पोएम्स इन हिंदी क्या लिखूं क्या लिखूं   ? मन की कहानी लिखूं या आँखों का पानी लिखूं क्या लिखूं  ? तितलियों का शरमाना लिखूं या भँवरो का गुनगुनाना लिखूं क्या लिखूं   ? हवाओं की झनकार लिखूं या कोयल के गीत सदाबहार लिखूं क्या लिखूं   ? बादलो में चाँद का छिप जाना लिखूं या सूरज …

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2 जिंदगी ना मिलेगी दोबारा पोएम हिंदी Zindagi Na Milegi Dobara Poem in Hindi :

Zindagi Na Milegi Dobara Poem in Hindi – जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

Zindagi Na Milegi Dobara Poem in Hindi || जिंदगी ना मिलेगी दोबारा पोएम हिंदी जिंदगी ना मिलेगी दोबारा ( Zindagi Na Milegi Dobara ) ZNMD Poems – Jindagi Ek Khuli Kitaab Hai  जिंदगी ना मिलेगी दोबारा( Zindagi Na Milegi Dobara ) क्या हुआ जो देर हो रही, एक मुकाम पाने मेंक्या हुआ जो  देर हो रही, जिंदगी आसान बनाने मेंक्या हुआ जो …

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Poem On Terrorism in Hindi || आतंकवाद पर कविता हिंदी aatankwad par kavita

Poem On Terrorism in Hindi || आतंकवाद पर कविता हिंदी aatankwad par kavita

Poem On Terrorism in Hindi – आतंकवाद पर कविता हिंदी में  Poem On Terrorism in Hindi “आतंकवाद” सजती है बाजार जहाँगोलियों बारूदों की,कौड़ियो के मोल बिकतेजान-ईमान इंसानो के।इंसानियत की छाँव जहाँ खो रही उजालों में, हो रहा वह राष्ट्र जवां नकाबों के अँधियारो में।आतंकी हमलों तलेवीरों ने सर कटा दिए,माँ का आँचल कफ़न बनाअर्थी को पिता का कंधा मिला।कितनी माँगे …

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प्रकृति पर 3 कविता Paryavaran a Short Poem on Nature in Hindi language पोएम ऑन नेचर Poem :

A Short Poem On Nature in Hindi Language - प्रकृति सौंदर्य

Paryavaran A Short Poem on Nature in Hindi language – प्रकृति पर कविता पोएम ऑन नेचर Poem Poem on Nature in Hindi प्रकृति Poem on Paryavaran in Hindi माँ की तरह हम पर प्यार लुटाती है प्रकृतिबिना मांगे हमें कितना कुछ देती जाती है प्रकृति…..दिन में सूरज की रोशनी देती है प्रकृतिरात में शीतल चाँदनी लाती है प्रकृति…… भूमिगत जल …

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