दहेज प्रथा पर स्टोरी – Dahej Pratha Story in Hindi Par Short Kahani Script natak ekanki :

dahej pratha story in hindi – दहेज प्रथा पर स्टोरी हिंदी में
दहेज प्रथा पर स्टोरी - Dahej Pratha Story in Hindi Par Short Kahani Script natak ekanki

दहेज प्रथा पर स्टोरी – Dahej Pratha Story in Hindi Par Short Kahani Script natak ekanki

  • शीर्षक …….’नाक का सवाल ‘ ( Dahej Pratha Story in Hindi )

  • दहेज के अक्सर कई कारण होते हैं, लड़के वालों का लालच, दिखावे के लिए समाज का दबाव, या लड़की वालों का शानोशौकत के साथ शादी करने की चाह रखना. इस कहानी ( Dahej Pratha Story in Hindi ) में हम दहेज का एक दूसरा पहलू आपको बताना चाहते हैं. तो इस कहानी को पढ़कर आप दहेज के एक छूपे हुए पहलू को जानिए.
  • दहेज प्रथा पर स्टोरी – Dahej Pratha Story in Hindi Par Short Kahani Script natak ekanki
  • Dahej Pratha Story in Hindi : आज पूरे घर में खुशी  का वातावरण  था कुंती  देवी और आनंद  बाबू का हृदय  तो बल्लिओ उछल रहा था ,उनकी  लाड़ली  इकलौती बिटिया का रिश्ता  इतने बड़े  खानदान  से जो आया था.
    एक मद्धम  परिवार के लिए इससे ज्यादा  बड़ी खुशी और क्या  हॉसकटी है की बिटिया का ग्रेजुएशन  पुरा होते ही हाथ  पीले  हो ो जायें. “अरे मैंने   तो पहले ही कहा था कि हमारी  मोहिनी है ही इतनी भाग्यवान  उसके लिए भला  इतना अच्छा रिश्ता कैसे नहीं आता ?” दादी दयावती  ने बेटे  आनंद से आनंदित  होते हुए कहा कुंती को अपनी बेटी पर नाज  हो उठा  वह भी मुस्करा ी पर नाज  हो उठा  वह भ मुस्करा  दी “सुन आनंद इतने  ऊँचे परिवार से रिश्ता आया है तो माँग भी ज्यादा ही होगी  l”दादी ने चिंतित  होते हुए कहा “अरे माँ जी हमारी दो चार  बेटी थोड़े  ही हैं जो हम परेशान हो जायें ,अरे एक ही तो बेटी है खूब धूमधाम  से विवाह  करेंगे सारे रिश्तेदार  और बिरादरी बाले  देखते  ही रह जाएंगेाव  देते  हुए कहा l
    “और दो -चाको ताव  देते  हुए कहा l
    “और दो -चार भी होतीं  तो क्या ऐसे ही विवाह करते अरे धूमधाम से करते हम धूमधाम से भले  ही   कितनी भी संपत्ति  बेचनी  ही क्यों न पड़ती  l ” इस बार आनंदी  जोश  मे भरकर  बोली  तो दयावती के चेहरे  की भी रौनक  गर्व से  बढ़ गई  l
    “यह सब रघुनारायण  का ही कमाल  है देखो न तुम्हारी  बहिन  लीलावती  का विवाह उसने  कितने  ऊँचे￰￰  घर से करबाया  और वह आज की तारीख  में कितनी खुश  है !” दयावती  ने अपनी बेटी   लीला  को याद कर भाबुक  होते हुए रूँधे गले से कहा l”क्या ..रघुनारायण करा  रहे हैं मोहिनी का विवाह हमको  नहीं करना पता  नहीं है आपको जीजी  के विवाह में हमारी कितनी जग हंसाई  हुई
    के,सब नाते  रिश्तेदार मुँह  बना रहे थे कि भाई विवाह कर रहा है सो
    तो धूमधाम से विवाह करता  l “
  • Dahej Pratha Story in Hindi
  • “ठीक कह रही हो बहु  इस बार ऐसी गलती  नहीं करेंगे l दयावती ने गहरी  सां लेते  हुए कहा l
    “अभी  रघुनारायण  को फोन  लगाता  हूँl ” कहते  हुए  हूँ बाबू ने बिचौलिया  रघुनारायण को फोन मिला  लिया और दुआ  सलाम  के बाद दहेज़ के मुद्दे  पर बात शुरू कर दी l
    “अरे नहीं  नहीं आनंद जी लड़के  बाले बहुत ही अच्छे घराने  के हैं, दहेज़ को वे बुराई मानते हैं …खुद लड़का  इसके खिलाफ  है उनको तो शरीफ खानदान की सुशील  बहु चाहिए  l “
    “फिर भी रघुनारायण जी समाज  क्या कहेगा  कि इकलौती बिटिया का विवाह हमने  ऐसे ही कर दिया l यह बात जमी  नहीं l  लीला के विवाह ……
  • Dahej Pratha Story in Hindi
  • “हाँ हाँ  कोई  कमी  है क्या उसकी  ससुराल  में…?” रघुनारायण ने बात को बीच में ही काटते हुए कहा l
    “नहीं.. नहीं कमी तो नहीं है मगर हमारी बड़ी जगहंसाई  हुई थी l”
    “चलो  ठीक है मै बात करता हूँ उनसे  मगर यदि वह नहीं  माने  तो आप जो कुछ अपनी बेटी को देना  चाहते  हैं उसके नाम  कर दे  चुपचाप  भविष्य  में बच्चों के काम  आएगा  धन  l” रघुनारायण ने आनंद बाबू को समझाते  हुए कहा l
    “अरेनहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं हमको तो सबको  दिखाना  है न कि हमने इतना अच्छा बिटिया का विवाह किया है l “
    रघुनारायण “जैसी  तुम्हारी मर्जी “, कह चुप हो  गए  और घर के सदस्य  खुश l
    लेखिका ….राशि सिंह
    मुरादाबाद उत्तर प्रदेश
    (अप्रकाशित एवं मौलिक लघुकथा )
  • इस कहानी ( Dahej Pratha Story in Hindi ) के जरिये हम दहेज के एक महत्वपूर्ण पहलू “सामजिक दिखावा” की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं. आपको यह कहानी ( Dahej Pratha Story in Hindi ) कैसी लगी, हमें जरुर बताएं.
  • दहेज प्रथा पर कविता – Poem On Dahej Pratha in Hindi Poem on Dowry in Hindi

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