38 देशभक्ति श्लोग्न all time hit Desh Bhakti Slogan in Hindi deshbhakti shayari :

All time hit Desh Bhakti Slogan in Hindi – देशभक्ति श्लोग्न
All time hit Desh Bhakti Slogan in Hindi & deshbhakti shayari in hindi

जब कोई वीर देश के लिए अपना लहू बहाता है
तब हर देशवासी रात को चैन की नींद ले पाता है.
– Abhishek mishra ” Abhi “

  • हर भारतीय की आँखों में सुनहरे भारत का स्वप्न हो ,
    हर नौजवान के दिल में देश के लिए जीने-मरने की लगन हो.
    मेरे और अरमान पूरे हों या न हो….. लेकिन बस मैं इतना चाहता हूँ
    जब-जब जन्म लूँ इस धरती पर, तो भारत मेरा वतन हो …- Abhishek Mishra “Abhi”
  • देश भक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं! कह दो उन्हें…
    सीने पर जो जख्म है,
    सब फूलों के गुच्छे हैं!
    हमें पागल ही रहने दो,
    हम पागल ही अच्छे हैं!
    Desh Bhakton Ko Aksar Log Pagal Kehte Hain
    Unse Keh Do…
    Seene Par Jo Jakhm Hai,
    Sab Fool Ke Guchhe Hain,
    Humein Pagal He Rahne Do,
    Hum Pagal Hi Acche Hain!!
    – भगत सिंह.
  • ऐ मेरे पाँव के छालों जरा लहू उगलो..
    सिरफिरे मुझसे सफर के निशान माँगेगे..!!
    -एक सैनिक
  • जय जवान, जय किसान: – लाल बहादुर शास्त्री

  • अब भी जिसका खून ना खौला, वो खून नहीं पानी है. जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है.
  • हो गयी है पीर, पर्वत सी पिघलनी चाहिए,
    इस हिमालय से अब कोई गंगा निकलनी चहिये.
  • जाओ रानी याद रखेंगे ये कृतज्ञ भारतवासी,
    यह तेरा बलिदान जगावेगा स्वतंत्रता अविनासी,
    होवे चुप इतिहास, लगे सच्चाई को चाहे फांसी,
    हो मदमाती विजय, मिटा दे गोलों से चाहे झांसी।
    तेरा स्मारक तू ही होगी, तू खुद अमिट निशानी थी,
    बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी,
    खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी।।
  • आजादी बरकरार रखने के लिए देश कुर्बानियाँ मांगता है. राष्ट्र प्रेम जिनके खून में उबाल लेता हो, ऐसी जवानियाँ मांगता है देश – Abhishek Mishra “ Abhi “.
  • जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’
    – अर्थात् जननी (माता) और जन्मभूमि का स्थान स्वर्ग से भी श्रेष्ठ एवं महान होता है. – भगवान राम.
  • नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे, त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्।
    अर्थात् – हे प्यार करने वाली मातृभूमि! मैं तुझे सदा नमस्कार करता हूँ. तूने मेरा सुख से पालन-पोषण किया है.
  • यस्मिन् देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बांधवा: ।
    न च विद्या आगम: कश्चित् तं देशं परिवर्जयेत् ।।
    अर्थात – जिस देश में सम्मान न मिले, जीविका का साधन न हो, न विद्या प्राप्ति का लाभ हो और बन्धु-बान्धव नही हैं, ऐसे स्थान पर कभी नहीं रहना चाहिए.

    Desh Bhakti Slogan in Hindi

  • हिमालयं समारभ्य यावत् इंदु सरेावरम् |
    तं देवनिर्मितं देशं हिंदुस्थानं प्रचक्षते ||
    अर्थात – हिमालय पर्वत से शुरू होकर हिन्द महासागर तक फैला हुआ ईश्वर निर्मित देश है “हिंदुस्तान “. यही वह देश है जहाँ ईश्वर समय-समय पर जन्म लेते हैं और सामाजिक सभ्यता की स्थापना करते हैं.
  • त्यजेत् कुलाथें पुरुष ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत्।
    ग्रामं जनपदस्यार्थे आत्माथें पृथिवीं त्यजेत्॥
    अर्थात – समुदाय के कल्याण के लिए एक व्यक्ति का त्याग कर देना चाहिए. गाँव के कल्याण के लिए कुल का, राज्य के कल्याण के लिए गाँव का तथा अपने कल्याण के लिए सारी धरती को भी छोड़ना पड़े तो छोड़ देना चाहिए.
  • “सरफ़रोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाजु-ए-कातिल में है” – राम प्रसाद बिस्मिल Ram Prasad bismil.
  • “स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है” – बाल गंगाधर तिलक.
  • “जय जवान जय किसान” – लाल बहादुर शास्त्री.
  • ” हम आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे” – चंद्र शेखर आजाद.
  • “इनक़लाब जिंदाबाद” – भगत सिंह ( Bhagat Singh )
  • “सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा” – इक़बाल
  • “जन-गण-मन अधिनायक जय हे”– रवीन्द्रनाथ टैगोर
  • “वंदे मातरम” – बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
  • All time hit Desh Bhakti Slogan in Hindi – देशभक्ति श्लोग्न & deshbhakti shayari in hindi
  • “जय हिंद” – सुभाषचंद्र बोस

  • “दिल्ली चलो – सुभाषचंद्र बोस
  • “हिंदी हिन्दू हिंदुस्तान” – भारतेंदु हरिश्चंद्र
  • “मेरे शरीर पर एक-एक पड़ी लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के कफ़न में कील सिद्ध होगी” – लाला लाजपत राय
  • वेदों की और लौटो”– दयानंद सरस्वती
  • Desh Bhakti Slogan in Hindi
    “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” – सुभाषचंद्र बोस
  • “अंग्रेजो भारत छोड़ो”– महात्मा गांधी
  • “भारत माता की जय”
  • “करो या मरो” – महात्मा गांधी
  • हे परम वत्सला मातृभूमि! तुझको प्रणाम शत कोटि बार।
    हे महा मंगला पुण्यभूमि ! तुझ पर न्योछावर तन हजार।
  • “विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊँचा रहे हमारा” – श्यामलाल गुप्ता
  • “आराम हराम है”– जवाहर लाल नेहरू
  • ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा,
    ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा,
    पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए,
    कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये। ..!!
  • दिल से मर कर भी ना निकलेगी वतन की उल्फ़त,

    मेरे मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी.

  • लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
    मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
    मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
    मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा…

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