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गुरु स्तोत्रम – Guru Stotram in Hindi Sanskrit Brihaspati Stotram :

गुरु स्तोत्रम – Guru Stotram in Hindi Sanskrit Brihaspati Stotram Lyrics
गुरु स्तोत्रम - Guru Stotram in Hindi Sanskrit Brihaspati Stotram

गुरु स्तोत्रम – Guru Stotram in Hindi Sanskrit Brihaspati Stotram Lyrics

  • प्रत्येक गुरुवार को गुरु स्तोत्रम या बृहस्पति स्तोत्रं का पाठ करने से गुरु के कारण जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं.
  • यह प्रथम स्तोत्र “मन्त्रमहार्णव” से उद्धृत है…
  • गुरु स्तोत्रम

  • पीताम्बर: पीतवपु: किरीटी, चतुर्भुजो देवगुरु: प्रशान्त: |
    दधाति दण्डं च कमण्डलुं च, तथाक्षसूत्रं वरदोsस्तु मह्यम् ||
    नम: सुरेन्द्रवन्द्याय देवाचार्याय ते नम: |
    नमस्त्वनन्तसामर्थ्यं देवासिद्धान्तपारग: ||
    सदानन्द नमस्तेSस्तु नम: पीडाहराय च |
    नमो वाचस्पते तुभ्यं नमस्ते पीतवाससे ||
    नमोSद्वितीयरूपाय लम्बकूर्चाय ते नम: |
    नम: प्रहृष्टनेत्राय विप्राणां पतये नम: ||
    नमो भार्गवशिष्याय विपन्नहितकारक: |
    नमस्ते सुरसैन्याय विपन्नत्राणहेतवे ||
    विषमस्थस्तथा नृणां सर्वकष्टप्रणाशनम् |
    प्रत्यहं तु पठेद्यो वै तस्य कामफलप्रदम् ||
    || इति मन्त्रमहार्णवे बृहस्पतिस्तोत्रम् ||

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  • निम्नलिखित स्तोत्र स्कन्दपुराण से उद्धृत है…

    || अथ श्री बृहस्पतिस्तोत्रम् ||

  • अस्य श्री बृहस्पतिस्तोत्रस्य गृत्समद ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, बृहस्पतिर्देवता, बृहस्पति प्रीत्यर्थं जपे विनियोग:
    गुरुर्बृहस्पतिर्जीव: सुराचार्यो विदां वरः |
    वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः पीताम्बरो युवा ||
    सुधादृष्टिर्ग्रहाधीशो ग्रहपीडापहारकः |
    दयाकरः सौम्यमूर्तिः सुरार्च्यः कुड्मलद्युतिः ||
    लोकपूज्यो लोकगुरुः नीतिज्ञो नीतिकारकः |
    तारापतिश्चाङ्गिरसो वेदवेद्यः पितामहः ||
    भक्त्या बृहस्पतिं स्मृत्वा नामान्येतानि यः पठेत् |
    अरोगी बलवान् श्रीमान् पुत्रवान् स भवेन्नरः ||
    जीवेत् वर्षशतं मर्त्यः पापं नश्यति नश्यति |
    यः पूजयेत् गुरुदिने पीतगन्धाक्षताम्बरैः ||
    पुष्पदीपोपहारैश्च पूजयित्वा बृहस्पतिम् |
    ब्रह्मणान् भोजयित्वा च पीडाशान्तिर्भवेत् गुरोः ||
    || इति श्री स्कन्दपुराणे बृहस्पतिस्तोत्रं सम्पूर्णम् ||

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  • बृहस्पति ग्रह के मजबूत नहीं होने से व्यक्ति के विवाह में बहुत देरी होती है. साथ ही विवाह हो जाने पर भी वैवाहिक जीवन में भी किसी ना किसी प्रकार की समस्या प्रायः बनी रहती है. बृहस्पति के कमजोर होने पर व्यक्ति के विवाह में देरी होती है. बृहस्पति खराब होने पर वैवाहिक जीवन में कष्ट सहना पड़ता है. बृहस्पति के मजबूत होने पर वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है.
  • गुरु स्तोत्रम – Guru Stotram in Hindi Sanskrit Brihaspati Stotram Lyrics Font

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