हास्य व्यंग्य कविता हिन्दी में Hasya Vyangya Kavita In Hindi funny poetry :

Hasya Vyangya Kavita In Hindi – हास्य व्यंग्य कविता 
हास्य व्यंग्य कविता हिन्दी में - Hasya Vyangya Kavita In Hindi

Hasya Vyangya Kavita In Hindi

  • नेता
  • हर साल बड़े-बड़े वादों के साथ आते हैं ये,
    हर साल यू ही निराश कर चले जाते हैं ये !
    हर बार एक ही बात कह जाते हैं ये,
    हर वक्त यही सुनाते हैं ये,
    कि बदल कर रख देंगे इस समाज को हमारे लिए ,
    हर वक्त यही दावे करते रहते हैं ये!
    इनकी बातों में आकर हम अपनी राह से भटक जाते हैं,
    इनको अपना बहुमत देकर, बाद में पछताते हैं!
    इनके चक्कर में रहकर तो हम झूठ और धोखे ही पाते हैं,
    जब कभी होता है हमें इनके झूठ का एहसास ,
    तो हम निराश होकर अपने सच्चाई से बने घरौंदो मे लौट आते हैं!
    इनकी तो शान झूठी , पहचान झूठी , इनकी तो हर एक बात झूठी,
    बदल कर रख देंगे हम इन घूसखोरों को, इनकी तो सरकार झूठी!
    – नमिता कुमारी ( एम. ए. प्रथम वर्ष )
  • झगड़िये भाय
    कुत्ते ज्यों मारे झपट
    जूठे के लिए भाय
    त्यों हीं आप भी झगड़िये
    सत्ता के लिए भाय
    झगड़-झगड़ कर लीजिए
    सत्ता कभी चलाय
    जब बहुमत को खोइए
    फिर से कीजिए लड़ाई
    दल को सदा मिलाइए
    काम सिद्ध हो जाए
    राम राज्य के नाम पर
    धोखा दीजिए भाय
    धोखा सदा हीं दीजिए
    काम सिद्ध हो जाए
    गुटबाजी के जरिए
    फिर सत्ता को पलटाय
    सदा-सदा हीं झगड़िये
    सत्ता के लिए भाय
    – डॉ नारायण मिश्र

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3 comments

  1. Pragyan

    Funny poem

  2. Pragyan

    Funny poems

  3. Anonymous

    Good poems

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