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Lord Krishna Quotes in Hindi – भगवान कृष्ण के कोट्स – shree krishna ke updesh :

lord krishna quotes in hindi – भगवान कृष्ण के कोट्स
Lord Krishna Quotes in Hindi - भगवान कृष्ण के कोट्स shree shri krishna

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  • कर्म का फल व्यक्ति को उसी तरह ढूंढ लेता है, जैसे कोई बछड़ा सैकड़ों गायों के बीच अपनी मां को ढूंढ लेता है.
  • आत्मा न जन्म लेती है, न मरती है. ना ही इसे जलाया जा सकता है, ना ही इसे भिगोया जा सकता है.
    आत्मा अमर और अविनाशी है.
  • मैं किसी के भाग्य का निर्माण नहीं करता और ना ही किसी के कर्मफल में दखल देता हूं.
    व्यक्ति या जीव का कर्म ही उसके भाग्य का निर्माण करता है.
  • कर्म जन्मो जन्मो तक व्यक्ति का पीछा करता है.

  • आत्मा पुराने शरीर को वैसे ही छोड़ देती है, जैसे मनुष्य पुराने कपड़ों को उतार कर नए कपड़े धारण कर लेता है.
  • इस संसार में कुछ भी स्थाई नहीं है.
  • मन शरीर का हिस्सा है. सुख दुख का एहसास करना आत्मा का नहीं शरीर का काम है.
    मान अपमान लाभ हानि खुश हो जाना या दुखी हो जाना यह सब मन की शरारत है.
  • वर्तमान परिस्थिति में जो तुम्हारा कर्तव्य है, वही तुम्हारा धर्म है. धर्म व्यक्तिगत होता है.
  • जब यह संसार ही स्थाई नहीं है, तो इस संसार की कोई भी वस्तु स्थाई कैसे हो सकती है.
  • मैं सभी जीवो में विद्यमान हूँ, मैं चींटी में भी विद्यमान हूँ और हाथी में भी विद्यमान हूँ.
  • मेरे भी कई जन्म हो चुके हैं, तुम्हारे भी कई जन्म हो चुके हैं. ना तो यह मेरा आखिरी जन्म है
    और ना यह तुम्हारा आखिरी जन्म है.
  • सारे रिश्ते नश्वर हैं और केवल शरीर से जुड़े हुए हैं. जैसे ही व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है आत्मा शरीर को छोड़ देती है.
    आत्मा का शरीर से जुड़ें रिश्तो से कोई नाता नहीं रह जाता है.
  • हे अर्जुन अगर तुम अपना कल्याण चाहते हो, तो सभी उपदेशों, सभी धर्मों को छोड़ कर
    मेरी शरण में आ जाओ. मैं तुम्हें मुक्ति प्रदान करुंगा.

  • मोहग्रस्त होकर अपने कर्तव्य पथ से हट जाना मूर्खता है. क्योंकि इससे ना तो तुम्हें स्वर्ग की प्राप्ति होगी और
    ना ही तुम्हारी कीर्ति बढ़ेगी.
  • क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु होता है. क्रोध आने पर इंसान की सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है.
    और जिस व्यक्ति की सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है, उस व्यक्ति के पतन में ज्यादा समय नहीं लगता है.
  • धर्म युद्ध में कोई भी व्यक्ति निष्पक्ष नहीं रह सकता है. धर्म युद्ध में जो व्यक्ति धर्म के साथ नहीं खड़ा है,
    इसका मतलब है वह अधर्म का साथ दे रहा है. वह अधर्म के साथ खड़ा है.
  • व्यक्ति कर्म करने से कभी भी छुटकारा नहीं पा सकता है. इसलिए तुम्हें हमेशा कर्म करना चाहिए,
    क्योंकि कर्म के बिना तुम्हारे शरीर का भी निर्वाह नहीं हो सकता है.
  • परिवर्तन ही संसार में स्थाई है, इसलिए परिवर्तन से नहीं घबराना चाहिए.
    मन को नियंत्रण में रखना, किसी घोड़े के नवजात शिशु को नियंत्रण में रखने जितना ही कठिन होता है.
  • केवल अभ्यास के द्वारा ही मन को नियंत्रित किया जा सकता है.

    और मन को नियंत्रण में रखने का अभ्यास सभी को करना चाहिए.

  • जन्म लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु निश्चित है, और मरने वाले व्यक्ति का फिर से जन्म लेना निश्चित है.
  • lord krishna quotes in hindi भगवान प्रत्येक वस्तु में, प्रत्येक जीव में मौजूद हैं.
  • तुम अगर कर्मफल के बंधन में नहीं बंधना चाहते हो, तो अपने हर कर्म को मुझ भगवान को समर्पित करते जाओ.
    इससे तुम कर्मफल के बंधन में बंधने से बच जाओगे.
  • अगर मैं कर्म नहीं करू, तो दूसरे लोग भी मुझे देख कर अपने अपने कर्मों का त्याग कर देंगे.
    क्योंकि लोग अपने से बड़ों के पद चिन्हों का अनुसरण करते हैं.
  • जो मुझे जिस रूप में पूजता है… मैं उसी रूप में उसे उसकी पूजा का फल देता हूँ.
  • शिव भी मैं हूँ, दुर्गा भी मैं हूँ. समस्त ब्रम्हाण्ड, समस्त सृष्टि मैं हीं हूँ. जीवन भी मैं हूँ, मृत्यु भी मैं हीं हूँ.
    सारे देवी-देवता मुझी को जानो. आकाश, पर्वत, वन सब मैं हीं हूँ.
  • मैं सभी प्राणियों को जानता हूँ, सभी के भूत, भविष्य और वर्तमान को जानता हूँ. लेकिन मुझे कोई नहीं जानता है.
  • मुझे जानने का केवल एक हीं तरीका है, मेरी भक्ति. मुझे बुद्धि द्वारा कोई न जान सकता है, न समझ सकता है.
  • कोई मुझे दुर्गा रूप में माता समझकर पूजता है, तो कोई मुझे विष्णु मानकर पूजता है.

  • मूलतः मैं निराकार हूँ. लेकिन मेरे भक्त बड़े हीं अनोखे और निराले हैं. कोई मेरी मूर्ति बनाकर मुझे अपनी
    नजरों से देखना चाहता है, तो कोई मुझसे प्रेमी, पुत्र या पिता के रूप में अपने समीप देखना चाहता है.
    अपने भक्तों के वश में होकर हीं मैं भिन्न-भिन्न रूप धरता हूँ.
  • आत्मा का अंतिम लक्ष्य परमात्मा में मिल जाना होता है. lord krishna quotes in hindi
  • मैं हीं इस सृष्टि की रचना करता हूँ, मैं हीं इसका पालन-पोषण करता हूँ.
    और मैं हीं इस सृष्टि का विनाश करता हूँ.

मैं अजन्मा हूँ, मैं नित्य हूँ, न मेरा ओर है… न छोर. lord krishna quotes in hindi

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