माता पिता पर शानदार कविता || Mata Pita Par Kavita in Hindi poem line poetry :

Mata Pita Par Kavita in Hindi – माता पिता पर कविता इन हिंदी
माता पिता पर शानदार कविता || Mata Pita Par Kavita in Hindi poem line poetry

माता पिता पर शानदार कविता || Mata Pita Par Kavita in Hindi poem line poetry

  • जय श्री राधे कृष्ण
  • माता पिता के नाम एक पाती

    मुझे याद रही मां की ममता
    मुझे याद रहा प्यारा पिता
    जब भूख लगी बिन मांगे दिया
    अपने आंचल से सींच दिया
    मुझे याद रही मुझे याद रही
    मुझे याद रही मां की ममता
    मुझे याद रहा संघर्षी पिता
    जब हम डग भर ना पाते थे
    उंगली थाम के चलाते थे
    खुश होकर जब हम चलते थे
    गिरने से पहले ही थामते थे
    मुझे याद रही मुझे याद रही
    मुझे याद रही मां की ममता
    मुझे याद रहा प्यारा पिता
    जब हम बोल ना पाते थे
    एक एक अक्षर सिखलाते थे
    जब हम लिख ना पाते थे
    उंगली पकड़ कर लिखाते थे
    मुझे याद रहा मुझे याद रहा
    मुझे प्यारा बचपन याद रहा
    मुझे याद रही मां की ममता
    मुझे याद रहा प्यारा सा पिता
    कंधे पिता के चढ़कर के
    हम पिता से बड़े बन जाते थे
    पैरों का झूला बना करके
    वे झूला हमें झुलाते थे
    मुझे याद रहा मुझे याद रहा
    प्यारा सा पिता मुझे याद रहा
    मुझे याद रही मां की ममता
    समझायें हम नयी पीढ़ी को
    भूलो ना कभी मां की ममता
    पाओगे तुम भी इन रूपों को
    तुम याद रखो प्यारा सा पिता
    काटा ना करो जड़ पेड़ों की
    जड़ से ही तो तुम्हारी हरियाली
    जब जड़ ही ना रहेंगी पेड़ों की
    हरियायेंगी शाखें कैसे?
    तुम्हें याद रहे मां की ममता
    तुम्हें याद रहे संघर्षी पिता
    “सखी”याद रहें “सखी” याद रहें
    बचपन के पल तुम्हें याद रहें।
    मुझे याद रही मां की ममता
    मुझे याद रहा प्यारा पिता
    …………….…………………

  • दार्शनिक/ विचारक
    लेखिका/ कवियत्री
    सुमित्रा गुप्ता’सखी’
    कल्याण, महाराष्ट्र

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