Mothers Day Poem in Hindi language – मदर्स डे पोएम हिंदी maa ke liye kavita :

Mothers Day Poem in Hindi Language
मदर्स डे पर 3 कविताएँ - Mothers Day Poem in Hindi Language

मदर्स डे पर 3 कविताएँ – Mothers Day Poem in Hindi Language

  • मातृभक्ति शक्ति की
    विलक्षण अभिव्यक्ति है,
    कैसे जियें जीवन
    बताती इसकी युक्ति है ।
    बढ़ते चलें जो
    कर्मपथ पे सदा ही हम,
    मिट जायेंगे हमारे
    मन के ये सारे गम ।
    बात ये तो एकदम
    सोलह आने सच्ची है
    कहता हूं इसमें तो
    झूठ नहीं रत्ती है ।।
    मातृभक्ति शक्ति की
    विलक्षण अभिव्यक्ति है,
    कैसे जियें जीवन
    बताती इसकी युक्ति है ।
    सो के गीले में जो
    हमें सूखे में सुलाती है,
    बच्चों की उदासी जिसे
    सदा ही रुलाती है ।
    ऐसी मां के ऋण से
    उऋण कैसे होंगे हम
    बुद्धि भी ये बात तो
    समझ नहीं सकती है ।।
    मातृभक्ति शक्ति की
    विलक्षण अभिव्यक्ति है,
    कैसे जियें जीवन
    बताती इसकी युक्ति है ।
    बच्चों के लिये जो
    हर दुःख सदा सहती है
    बच्चों की ख़ुशी में जो
    सदा ही खुश रहती है ।
    ऐसी मां को शत शत
    नमन करे जो सदा
    प्रकृति भी उसका तो
    मान सदा रखती है ।।
    मातृभक्ति शक्ति की
    विलक्षण अभिव्यक्ति है,
    कैसे जियें जीवन
    बताती इसकी युक्ति है ।
    – अशोक शर्मा
    बी. ई. (इलेक्ट्रिकल)
    रुड़की विश्वविद्यालय, रुड़की
    (सम्प्रति : आई आई टी, रूड़की)
  • मेरी माँ

    व्यक्तित्व कुछ अलग है मेरी माँ का…..
    अस्तित्व कुछ अलग है मेरी माँ का…..
    जन्म देकर चलना सिखाया मेरी माँ ने…..
    रात के अंधेरों से भी बचाया मेरी माँ ने….
    पापा के बाद एक पिता का भी
    फर्ज़ निभाया मेरी माँ ने…..
    इस दुनिया मे रहने लायक बनाया मेरी माँ ने….
    क्योंकि….
    व्यक्तित्व कुछ अलग है मेरी माँ का…..
    अस्तित्व कुछ अलग है मेरी माँ का…..
    उंगली पकड़कर चलना सिखाया मेरी माँ ने…..
    एक-एक निवाला प्यार से खिलाया मेरी माँ ने…
    क्योंकि….
    व्यक्तित्व कुछ अलग है मेरी माँ का….
    अस्तित्व कुछ अलग है मेरी माँ का….
    ज़िंदगी की उलझनों को 
    बस इतना सा बताया मेरी माँ ने….
    मेरी खुशी मे ही अपनी
    खुशी को बताया मेरी माँ ने….
    ममता को साबित करके दिखाया मेरी माँ ने….
    मुझे आज ये कविता लिखने
    लायक बनाया मेरी माँ ने…
    क्योंकि….
    व्यक्तित्व कुछ अलग है मेरी माँ का….
    अस्तित्व कुछ अलग है मेरी का…. – प्रांजल अवस्थी
    I LOVE YOU ….

  • माँ

    बहुत याद आती है माँ
    जब भी होती थी मैं परेशान
    रात रात भर जग कर
    तुम्हारा ये कहना कि
    कुछ नहीं… सब ठीक  हो  जाएगा ।
    याद आता है…. मेरे सफल होने  पर
    तेरा दौड़ कर खुशी से गले लगाना ।
    याद  आता है, माँ तेरा शिक्षक  बनकर
    नई-नई  बातें सिखाना
    अपना अनोखा ज्ञान देना  ।
    याद आता है माँ
    कभी  दोस्त  बन  कर
    हँसी  मजाक  कर
    मेरी  खामोशी  को  समझ  लेना ।
    याद  आता है माँ 
    कभी  गुस्से  से  डाँट   कर  
    चुपके  से  पुकारना
    फिर   सिर  पर  अपना 
    स्नेह  भरा   हाथ फेरना   । 
    याद  आता  है  माँ
    बहुत  अकेली  हूँ
    दुनिया  की  भीड़ में
    फिर  से  अपना
    ममता  का साया दे दो माँ
    तुम्हारा  स्नेह  भरा  प्रेम
    बहुत  याद आता है माँ  – अनु गोयल

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