Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content

नेशनल पोएम इन हिंदी – National Poem in Hindi kawita – poem on nation :

National Poem in Hindi – नेशनल पोएम इन हिंदी अपनी मातृभूमि का सम्मान करें हम - National Poem in Hindi

अपनी मातृभूमि का सम्मान करें हम – National Poem in Hindi

  • हर दिन… हर पल, देश का गुणगान करें हम
    यह देश हमारी मातृभूमि है, इसका सम्मान करें हम
    कितनी लड़ाई लड़ करके, वीरों ने देश को आजाद किया,
    अनेक देशों का अध्ययन कर, इस देश को फिर गणतंत्र दिया,
    अब है कर्तव्य यही अपना, इस देश के हम सब ढाल बने
    यह देश हमारी मातृभूमि है, इसका हम सम्मान करें
    वीरों की गाथा गा करके, हम उनका फिर सम्मान करें
    उनके कदमों पर चल कर के, हम अपनी राह आसान करें 
    अब है कर्तव्य यही अपना, उन वीरों का गुणगान करें
    यह देश हमारी मातृभूमि है, इसका हम सम्मान करें
    भारत की पावन भूमि पर, दाता ने आकर जन्म लिया
    धर्म की राह पे चलने को, गीता में फिर संदेश दिया
    अब है कर्तव्य यहीं अपना, हम धर्म के राह पर सदा चलें
    यह देश हमारी मातृभूमि है, इसका हम सम्मान करें
    यह पर्व हमारा राष्ट्र पर्व, गणतंत्र का है स्वतंत्र का है
    उत्साह का है,गौरव गान का है, सलामी का है, अभिमानी का है
    अब है कर्तव्य यही अपना, इस देश के हम भी मान बने
    यह देश हमारी मातृभूमि है, इसका हम सम्मान करें
    बोलो जय भारती,जय जय भारती
    – कंचन पाण्डेय
  • har din… har pal, desh ka gunagaan karen ham
    yah desh hamaaree maatrbhoomi hai, isaka sammaan karen ham
    kitanee ladaee lad karake, veeron ne desh ko aajaad kiya,
    anek deshon ka adhyayan kar, is desh ko phir ganatantr diya,
    ab hai kartavy yahee apana, is desh ke ham sab dhaal bane
    yah desh hamaaree maatrbhoomi hai, isaka ham sammaan karen
    veeron kee gaatha ga karake, ham unaka phir sammaan karen
    unake kadamon par chal kar ke, ham apanee raah aasaan karen
    ab hai kartavy yahee apana, un veeron ka gunagaan karen
    yah desh hamaaree maatrbhoomi hai, isaka ham sammaan karen
    bhaarat kee paavan bhoomi par, daata ne aakar janm liya
    dharm kee raah pe chalane ko, geeta mein phir sandesh diya
    ab hai kartavy yaheen apana, ham dharm ke raah par sada chalen
    yah desh hamaaree maatrbhoomi hai, isaka ham sammaan karen
    yah parv hamaara raashtr parv, ganatantr ka hai svatantr ka hai
    utsaah ka hai,gaurav gaan ka hai, salaamee ka hai, abhimaanee ka hai
    ab hai kartavy yahee apana, is desh ke ham bhee maan bane
    yah desh hamaaree maatrbhoomi hai, isaka ham sammaan karen
    bolo jay bhaaratee,jay jay bhaaratee
    – kanchan paandey

.

About Suvichar Hindi .Com ( Read here SEO, Tips, Hindi Quotes, Shayari, Status, Poem, Mantra : )

SuvicharHindi.Com में आप पढ़ेंगे, Hindi Quotes, Status, Shayari, Tips, Shlokas, Mantra, Poem इत्यादि|
Previous Short Poem on Republic day in Hindi – गणतंत्र दिवस कविता gantantra diwas :
Next स्वतन्त्रता दिवस कविता Independence day Poems in Hindi Indian swatantrata :

2 comments

  1. Ashutosh Kumar

    अपनी बंदिशों को झकझोर चला हूँ मैं,
    आज आज़ादी की ओर चला हूँ मैं।
    इक दौर था जब अँधेरों का घना साया था,
    डरा सहमा मैं मन ही मन घबराया था,
    दबें थे हर इक अल्फाज मन के किसी कोने में,
    उन अँधेरों से मुंह मोड़ चला हूँ मैं,
    आज आज़ादी की ओर चला हूँ मैं।
    सोचा था की कभी तो वो मुकाम मुमकिन होगा,
    हर कश्ती को उसका साहिल तो हासिल होगा।
    पर आज जो नज़ारे यूं बदले है,
    हर इनसान के ख़ुद पर जो पहरे हैं,
    इनसानियत के बीच जो पनपी खाई है,
    अब हर उम्मीद से मुंह मोड़ चला हूँ मैं।
    हर बंदिशों से नाता छोड़ चला हूँ मैं।
    आज आज़ादी की ओर चला हूँ मैं।

  2. sush

    Comment:niceee

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.