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गुरु / शिक्षक पर कविता Poem on guru in Hindi Teacher par kavita lines txt guruji poetry :

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गुरु / शिक्षक पर कविता Poem on guru in Hindi – Teacher par kavita lines txt

  • गुरु / शिक्षक पर कविता Poem on guru in Hindi – Teacher par kavita lines txt

  • गुरु ( Poem on guru in hindi )

    बंजर में भी फसलें उग आएं
    रेगिस्तान में फूल खिल जाएं
    आंधियों में भी रास्ते निकल आए
    जिनकी हर बात सीख बन जाए
    ज्ञान के वो स्रोत गुरु कहलाएं
    गवाह रहा है इतिहास सदा
    गुरु के मार्गदर्शन पर जो शिष्य चला
    उसे कभी कोई बाधा ना रोक सकी
    ना कोई परेशानी टोक सकी
    प्रगति पथ पर अग्रसर उसने
    स्वयं अपना इतिहास रचा
    हुआ जब भी नवयुग का निर्माण
    उसकी नींव था गुरु का ज्ञान
    राम को विश्वामित्र थे मिले
    अर्जुन को मिले थे केशव
    चन्द्रगुप्त को थे चाणक्य मिले
    समयचक्र से परे जिनके ज्ञान की ज्योत ने
    हर युग में अंधकार हरे
    बने थे शिष्य उनके समाज के पालनहार
    निःस्वार्थ भाव से दी थी उन्होंने दीक्षा
    केवल थी एक मंशा ज्ञान के दीप
    जले हर द्वार हो जगत का उद्घार
    सभी के जीवन में होते हैं राह दिखाने वाले
    पर गुरु कहलाते हैं वो जो राह के मायने समझा दे
    तराश कर साधारण से पत्थर को आकर्षक मूरत बना दे
    गुरु कहलाते हैं वो जो स्वयं से स्वयं का परिचय करवा दें
    आत्मसंयमी, आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी, आत्मरक्षक बना दें
    गुरु एक वरदान हैं, वाणी जिनकी अमृत समान है
    जिसने भी पान किया जीवन सही मायने में उसी ने जिया
    हर नाते-रिश्ते से बड़ा होता है गुरु का ओहदा
    क्या कर सकेगा कोई तुलना उनकी
    क्या दे सकेगा उन्हें कोई दक्षिणा उनकी
    सबके जीवन में है जिनकी खास जगह
    गुरु हैं वो, जिनके समक्ष हैं नतमस्तक खुद वो खुदा!!!!!
    – ज्योति सिंहदेव

  • शिक्षक Guruji Par Kavita

  • कोरे कागज को पुस्तक बनाता है शिक्षक
    नन्हे पौधे को ज्ञान से सींचता है शिक्षक।
    न खून के रिश्ते से बंधा होता है शिक्षक
    फिर भी अहम किरदार निभाता है शिक्षक।
    जीवन को नये आयाम दिखाता है शिक्षक
    बालकों का सखा बन दुख हरता है शिक्षक।
    अज्ञान के अँधेरे में दीप जलाता है शिक्षक
    खेल खेल में सदाचार पढाता है शिक्षक ।
    हौसला देकर पथ मे आगे बढाता है शिक्षक
    कभी माँ बन नई नई सीख देता है शिक्षक।
    ज्ञिज्ञासा की लहरों को शांत करता है शिक्षक
    छिपी प्रतिभा को चार चाँद लगाता है शिक्षक ।
    विद्यालय में खुशबू बन महकता है शिक्षक
    मंजिल की राह को आसान बनाता है शिक्षक।
    – अंजू गोयल।
    हैदराबाद।
  • Aapko yah Kavita ( गुरु / शिक्षक पर कविता Poem on guru in Hindi – Teacher par kavita lines txt ) Kaisi Lagi hmein jrur btayein.
  • सामाजिक बुराइयों पर कविता Poem on Social Issues in Hindi

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