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Home / Hindi Poem Kavita Poetry / 3 प्रेरित करने वाली कविता Poem on Inspiration in Hindi – Prernadayak Kavita

3 प्रेरित करने वाली कविता Poem on Inspiration in Hindi – Prernadayak Kavita

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3 प्रेरित करने वाली कविता Poem on Inspiration in Hindi - Prernadayak Kavita

 

  • 3 प्रेरित करने वाली कविता || Poem on Inspiration in Hindi – Prernadayak Kavita

 

  • शीर्षक —– हौसला

  • पानी का बुलबुला नही ,
    तू झरना बन l
    स्वीकार कर हर चुनौती ,
    तू आगे बढ l
    न देख मूँह किसी का
    खुद का यकीन बन l
    भटक मत जिन्दगी में
    नजर मंजिल पर रख l
    सपनो पर न पहरा लगा ,
    खुली आंख से देखने की जुर्रत कर l
    फिसलने न दे खुद को पाप में
    इन इच्छाओं पर अंकुश रख l
    पाई है मुश्किल से जिन्दगी
    इन्सानियत की मिशाल बन l
    होगी पूरी हर तमन्ना ,
    थोडा ढाढस रख l
    – राशि सिंह
    मुरादाबाद उत्तर प्रदेश
  • Hindi Inspirational Poem

  • ‘अभी धरती का सहारा बाक़ी है’
    किस्मत ने गिराया है तो क्या?
    अभी काबिलियत का पिटारा बाक़ी है,
    इंसानों ने छोड़ा है तो क्या?
    अभी धरती का सहारा बाक़ी है,
    मन हो गया है ‘पतझड़’ के शाख-सा,
    सहमी-सी आहटें और कँटील-सा रास्ता,
    जम गए हैं हौसले भी मौसम के साथ,
    पर अभी बसन्त का नज़ारा बाक़ी है,
    अभी धरती का सहारा बाक़ी है…
    गुम हो गयी परछाइयाँ भी रोशनी के साथ,
    जैसे जीवन हो कोई ‘अमावस’ की रात,
    सारे चिराग बुझे नहीं अभी,
    देख आसमां में एक सितारा बाक़ी है,
    अभी धरती का सहारा बाक़ी है…
    एक तूफ़ां फिर बेताब है,
    सन्नाटों का ख़ौफ़ बेहिसाब है,
    छँट जाएंगी ये बदलियाँ भी,
    बस हवाओं का इशारा बाक़ी है,
    अभी धरती का सहारा बाक़ी है…
    – Jaya Pandey जया पाण्डेय

 

  • Hindi Poem on Inspiration

  • सख्त हो चुके हैं चोट खा खा कर,
    अब पत्थर हो जाने दो,
    बदहाल तो पहले भी थी ज़िन्दगी,
    अब बद्तर हो जाने दो,
    आंसुओं से हर याद धुल चुकी हैं,
    रो रो के बुनियाद पिघल चुकी है,
    अश्क़ों का हिसाब मत माँगों,
    बस समंदर हो जाने दो ।
    तूफ़ां उठ रहे हैं ज़हन में कबसे,
    खामोशियों का शोर कहेंगे किससे,
    रेत के मकान को हवाएँ उड़ा ले गयीं,
    इन फ़िज़ाओं को अब बवंडर हो जाने दो।
    जया पाण्डेय – Jaya Pandey

 

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