Poem on save water in hindi – जल संरक्षण पर कविता jal hi jeevan hai poem pani :

poem on save water in hindi – जल संरक्षण पर कविता
 Poem save water hindi - जल संरक्षण पर कविता jal hi jeevan hai poem pani

 Poem on save water in hindi – जल संरक्षण पर कविता jal hi jeevan hai poem pani

  • पानी आस है पानी प्यास है

    आज जो पास है पर शायद
    कल बन सकती है एक तलाश
    पानी आस है पानी प्यास है!!
    धरा और गगन को जोड़े
    पानी वो प्रयास है
    हर जगह आम है, फिर भी खास है
    पानी जीवन का एहसास है
    सरल होकर भी विरल है
    कभी अमृत है तो कभी गरल है
    निराकार होकर भी इसका आकार है
    पानी ऊर्जा-स्फूर्ति का आधार है
    पंचतत्व का ये अहम किरदार
    जीवन के लिए अनिवार्य है
    इससे पत्ता-पत्ता, डाली-डाली है
    हरियाली है, खुशहाली है
    पानी का होता है ना कोई रंग
    पर ये रंगों का है अभिन्न अंग
    चले जीवन इसके संग
    पानी के हैं अपने ढंग
    कहीं बहता ये निर्झर कहीं फैला है
    सिर्फ रेत और सूखे का मंजर
    बिन इसके जमीनें पड़ जाती हैं बंजर
    करते हैं लोग मिन्नतें और प्रार्थना
    होकर बेकल इसका कतरा भी पाने को
    और जहां ये मिलता है आसानी से
    वहाँ लोग कतराते भी नहीं इसे
    बेवजह बहाने को
    कई संस्कृतियों ने पानी को दिया
    सर्वोच्च स्थान है
    मगर फिर भी मनुष्य इसके महत्व
    से नजर आता अनजान है
    पूरी मानवता जिसके गुणों से पोषित है
    आज वही पानी उनसे ही प्रदुषित है
    ऐसा नहीं कि इसके महत्व से कोई
    अनभिज्ञ है
    पर दुनिया अपनी जरूरतों में ही लिप्त है
    यही जो रहेगी दशा तो आनेवाले कल में
    होगी बहुत दुर्दशा
    रवैया बदलने की जरूरत है अब आन पड़ी
    चेतावनी दे रही प्रकृति भी घड़ी-घड़ी
    पानी जो जगाए नवचेतना,
    थोड़ी तो इसके प्रति भी हो संवेदना
    आज जो पास है पर शायद
    कल बन सकती एक तलाश है
    पानी आस है, पानी प्यास है!!!!
    – ज्योति सिंहदेव

Poem on save water in hindi – जल संरक्षण पर कविता jal hi jeevan hai poem pani

  • अनमोल दौलत है जल

    प्रकृति की अनमोल दौलत है जल
    ऊँचे बादलो से कोई सबक लो,
    जो धरती पर बूंदों से वर्षा कर देते हैं,
    और हम रहने वाले जमीं पर, क्या बचा नहीं सकते कुछ जल
    सांसो की तार को अपने निखार को कभी भी जोड़कर देखोगे
    तो नजर आयेगा ये जल
    मेरी हस्ती है इतनी, तुम कुछ कह न पाओगे
    मेरी कीमत है इतनी, तुम कुछ दे न पाओगे
    अपनी जरूरत तक, करे मुझे इस्तेमाल कहता है ये जल
    सुना है मैंने, भक्ति में है शक्ति मोक्ष पाने के लिए मानता हूँ
    पर महापुण्य अगर तुम्हे पाना हो, तो सम्भाल लो जल
    अपनी प्यास के लिए, अपनी आस के लिए,
    सारी वनस्पति की जात के लिए,
    ऐसा कदम उठाओ रह जाये कल ये जल
    – छोटू राम कश्यप

  • जल का महत्व निबन्ध – Essay On Importance Of Water in Hindi Language Jal Ka Mahatva
  • Poster On Save Water in Hindi जल संरक्षण पर पोस्टर स्लोगन Slogans Quotes

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