इन्हें भी जरुर पढ़ें ➜
Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages

सामाजिक बुराइयों पर कविता Poem on Social Issues in Hindi samajik muddon par kavita

poem on social issues in hindi – samajik muddon par kavita – पोएम ऑन सोशल इश्यूज इन हिंदी – funny hindi poems on social issues – famous poems about social issues in hindi – hindi poems on current topics – hindi poems on social evils – hindi poem on samaj – latest hindi poems on corruption – hindi poems on society – poem on social service in hindi – poem on social issues in hindi – samajik muddon par kavita – पोएम ऑन सोशल इश्यूज इन हिंदी – poem on social issues in hindi – samajik muddon par kavita – पोएम ऑन सोशल इश्यूज इन हिंदी – poem on social issues in hindi – samajik muddon par kavita – पोएम ऑन सोशल इश्यूज इन हिंदी – samaj par hindi kavita – hindi poems on society – famous poems about social issues in hindi – funny hindi poems on social issues – samajik jagrukta poem in hindi – hindi poems on social issues by famous poets – poem on samajik samasya in hindi – poem on justice in hindi
Poem on Social Issues in Hindi samajik muddon par kavita

 

  • सामाजिक बुराइयों पर कविता Poem on Social Issues in Hindi samajik muddon par kavita

 

  • लौट जाओ – Samajik Burai Par Kavita

    सूरज डूबने में वक़्त है अभी, लौट जाओ
    कहाँ घूमोगे वीराने में, लौट जाओ।
    दीवाने हो क्या, क्यों पागलों सी बातें करते हो,
    गुनाहों के शहर में इंसाफ नही मिलता, लौट जाओ।
    कोई नहीं रोकेगा गर होंगे जुल्म भी कभी,
    बुतों का शहर है ये , तुम लौट जाओ।
    कोई नही देगा गवाही नाइंसाफ़ी की यहाँ
    गूंगे हैं सभी बाशिंदे, तुम लौट जाओ।
    -अंशु प्रिया (anshu priya)
    ———————-×—————————–

  • एक नज़र फैलाओ – Poem On Social Issues in Hindi

    एक नज़र फैलाओ चारों ओर
    देखो क्या हो रहा है।
    लाखों फरियादी चिल्लाते हैं
    और अंधा कानून सो रहा है।
    बहरे हैं सभी इस शहर में
    किसी को चीखें सुनाई नहीं देती।
    बहरे भी हैं सब शायद,
    मानवता रोती नहीं दिखाई देती
    गंगा भी मैली हो गयी अब
    इंसान इतने पाप धो रहा है।
    लाखों फरियादी चिल्लाते हैं
    और अंधा कानून सो रहा है।
    हर दिन छलनी होती मर्यादा,
    रोज़ द्रौपदी का चीर हरा जाता है।
    पर अब उसे बचाने को,
    कोई कृष्ण नहीं आता है।
    हर दिन लगता देश दांव पर
    हर दिन द्यूत हो रहा है।
    लाखों फरियादी चिल्लाते हैं
    और अंधा कानून सो रहा है।
    – अंशु प्रिया ( anshu priya)

  • हमारी कविताएँ ( Poem On Social Issues in Hindi ) आपको कैसी लगी, यह जरुर बताएँ.
  • गुरु / शिक्षक पर कविता Poem on guru in Hindi – Teacher par kavita

 

इन्हें भी जरुर पढ़ें ↓ ↓ ↓

About Abhi

Hi, friends, SuvicharHindi.Com की कोशिश है कि हिंदी पाठकों को उनकी पसंद की हर जानकारी SuvicharHindi.Com में मिले. SuvicharHindi.com में आपको Hindi shayari, Hindi Ghazal, Long & Short Hindi Slogans, Hindi Posters, Hindi Quotes with images wallpapers || Hindi Thoughts || Hindi Suvichar, Hindi & English Status, Hindi MSG Messages 140 words text, Hindi wishes, Best Hindi Tips & Tricks, Hindi Dadi maa ke Gharelu Nuskhe, Hindi Biography jeevan parichay jivani, Cute Hindi Poems poetry || Awesome Kavita, Hindi essay nibandh, Hindi Geet Lyrics, Hindi 2 sad / happy / romantic / liners / boyfriend / girlfriend gf / bf for facebook ( fb ) & whatsapp, useful 1 one line rs मिलेंगे. हमारे Website में दी गई चिकित्सा सम्बन्धित जानकारियाँ / Upay / Tarike / Nuskhe केवल जानकारी के लिए है, इनका उपयोग करने से पहले निकट के किसी Doctor से सलाह जरुर लें.
Previous मेरी प्यारी माँ निबन्ध – Meri Maa Essay in Hindi My Mother Nibandh speech pyari maa
Next सच्चा प्यार क्या होता है ? SACHA PYAR Kya Hota HAI hindi me answer pyar ka matlab

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!