Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Latest Posts - इन्हें भी जरुर पढ़ें ➜

प्यार-इश्क-मोहब्बत पर कविता – Pyar Ki Kavita Ishq Poem Mohabbat Hindi Poetry Prem :

Tags : Pyar Ki Kavita Ishq Poem Mohabbat Hindi bewafa shayari hindi mohabbat shayari hindi pyar bhari shayari mohabbat ki shayari mohabbat ki ho to jano bewafa shayari hindi for love romantic pyar bhari shayari pyar bhari shayari hindi me hindi bewafa shayri mohabbat shayari wallpaper mohabbat shayari hindi font mohbat nice shayari pyar mohabbat shayari hindi meri mohabbat shayari mohabbat bhari shayari hindi me pyar mohabbat ki shayari sachi mohabbat shayari hindi mohabbat shayri hindi mohabbat ki shayari hindi mai shayari pyar bhari mohabbat ki shayari hindi me mohabbat ki shayari hindi mohabbat par shayari mohabbat ki shayari hindi shayari mohabbat ki hindi mohabbat shayari hindi mai hindi me likhi hui shayari mohabbat ki shayari hindi main shayari mohabbat ki hindi shayari mohabbat ki mohabbat wali shayari hindi mohabbat ki shayari pyar mohabbat shayari hindi hindi pyar mohabbat shayari pyar mohabbat ki shayari hindi me pyar mohabbat ki shayari hindi pyar ki shayari

प्यार-इश्क-मोहब्बत पर कविता – Pyar Ki Kavita Ishq Poem Mohabbat Hindi
प्यार-इश्क-मोहब्बत पर कविता - Pyar Ki Kavita Ishq Poem Mohabbat Hindi Poetry Prem

दोस्तों हम आपके लिए लाये हैं प्यार-इश्क-मोहब्बत पर कविता – Pyar Ki Kavita Ishq Poem Mohabbat Hindi Poetry Prem. हमें उम्मीद है कि आपको कविताएँ पसंद आएँगी.

  • Pyar Ki Kavita In Hindi

  • __तुम__
    अपना सम्पूर्ण तुम्हे सौंप कर
    जब लेती हूं साँस,
    तुम अंदर भर जाते हो,
    आत्मा तक पैठ जाते हो,
    छू लेते हो रूह को,
    और तब मैं,
    मैं नहीं रह जाती,
    तुम हो जाती हूँ
    जैसे उतार फेंका हो खुद को,
    और दिख पड़ा हो मेरा अंतस
    “तुम”
    – अंशु प्रिया ( Anshu Priya )

  • Sachche Pyar ki kavita

    Prem Mohabbat Ishq Poem Kavita

    __प्रेम__
    मैं नहीं जानती की तुम मेरे कौन हो?
    कई बार जब खुद को झिंझोड़ कर
    पूछा है खुद से
    की कौन हो तुम मेरे,
    तो जवाब देने में हमेशा असफल रहती हूँ।
    तुम मेरे पिता नही हो,
    पर मेरा सारा बचपना
    मैं तुम पर ही ज़ाहिर क्यों कर देती हूँ।
    क्यों लगी हर चोट पर तुम्हारी ही पुचकार चाहती हूँ।
    तुम मेरे बच्चे भी नहीं हो,
    पर मेरा सारा दुलार
    तुम पर ही क्यों उमड़ पड़ता है।
    क्यों तुम्हारा सर अपने वक्ष में दुबका कर
    मैं सारी ममता तुम पर उड़ेल देना चाहती हूँ
    तुम मेरे स्वामी भी नही हो,
    पर क्यों मेरा कोई भी फैसला
    मैं तुम्हारे बिना नही ले पाती,
    या यूँ कहूँ लेना नही चाहती।
    क्यों मैं खुद ही तुम्हारी बंदिनी बन जाती हूँ।
    तुम मेरे प्रेमी भी तो नही हो,
    क्योंकि अगर तुम सिर्फ मेरे प्रेमी हो
    तो मेरी बाकी सभी भावनाएँ बेमानी है।
    मैं सिर्फ इतना समझ पाई हूँ,
    की तुम शायद मेरे सबकुछ हो,
    और शायद कुछ भी नहीं,
    तुम सिर्फ  “प्रेम” हो।
    – अंशु प्रिया ( Anshu Priya )

  • प्यार पर 2 बेहतरीन कविताएँ Love Poem in Hindi

.

About Abhi @ SuvicharHindi.Com ( SEO, Tips, Thoughts, Shayari )

Hi, Friends मैं Abhi, SuvicharHindi.Com का Founder और Owner हूँ. हमारा उद्देश्य है Visitors के लिए विभन्न प्रकार की जानकारियाँ उपलब्ध करवाना. अगर आप भी लिखने का शौक रखते हैं, तो 25suvicharhindi@gmail.com पर अपनी मौलिक रचनाएँ जरुर भेजें.

One comment

  1. HindiApni

    Bahut hi achhi post aapne share kiya hain Thanks.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!