Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content

ना जानें क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी || Sad Poem In Hindi on Life सैड पोएट्री पोएम :

Sad Poem In Hindi on Life – ना जानें क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी
ना जानें क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी - Sad Poem In Hindi on Life

Sad Poem In Hindi on Life

  • ना जानें क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी

  • ना जानें क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी
    एक पल में है कोई, तो दूसरे पल में कोई नहीं.
    मैं तो हूँ यहाँ… पर मेरा मन है और कहीं
    ना जाने क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी.
    हर एक पल कुछ गँवाया तो दूसरे हीं पल कुछ नया पाया
    कभी कोई रूठा हमसे, तो कभी किसी ने हमें मनाया.
    कभी जिंदगी ने हमें रुलाया, तो कभी इसने हमें हंसाया.
    ना जाने क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी.
    बहुत से रिश्ते दिए.. इसने माँ की ममता, पिता का प्यार
    दादी की कहानी तो दादा का दुलार.
    कभी किसी ने अपनाया तो कभी किसी ने झटके से हाथ छुड़ाया.
    ना जाने क्यूँ अजीब सी है ये ज़िन्दगी.
    कभी ज़ोर से गिराया तो कभी हौसले से ऊपर उठाया.
    कभी थोड़ा फीका सा तो कभी थोड़ा मीठा सा बनाया.
    कभी किसी परीक्षा में फेल तो कभी किसी परीक्षा में पास कराया.
    पर हर एक परीक्षा से इसने हमें बहुत कुछ सिखाया.
    भले ही हुए कभी फेल पर हमेशा इसने ज्ञान का सागर बढ़ाया.
    हर एक परिश्रम से कुछ नया हीं सिखाया.
    ना जाने क्यूँ अजीब सी है ज़िन्दगी
    एक पल में है कोई और दूसरे पल में कोई नहीं.
    एक पल में है कोई और दूसरे पल में कोई नहीं.
    – आँचल वर्मा
  • na jaanen kyoon ajeeb see hai ye zindagee
    ek pal mein hai koee, to doosare pal mein koee nahin.
    main to hoon yahaan… par mera man hai aur kaheen
    na jaane kyoon ajeeb see hai ye zindagee.
    har ek pal kuchh ganvaaya to doosare heen pal kuchh naya paaya
    kabhee koee rootha hamase, to kabhee kisee ne hamen manaaya.
    kabhee jindagee ne hamen rulaaya, to kabhee isane hamen hansaaya.
    na jaane kyoon ajeeb see hai ye zindagee.
    bahut se rishte die.. isane maan kee mamata, pita ka pyaar
    daadee kee kahaanee to daada ka dulaar.
    kabhee kisee ne apanaaya to kabhee kisee ne jhatake se haath chhudaaya.
    na jaane kyoon ajeeb see hai ye zindagee.
    kabhee zor se giraaya to kabhee hausale se oopar uthaaya.
    kabhee thoda pheeka sa to kabhee thoda meetha sa banaaya.
    kabhee kisee pareeksha mein phel to kabhee kisee pareeksha mein paas karaaya.
    par har ek pareeksha se isane hamen bahut kuchh sikhaaya.
    bhale hee hue kabhee phel par hamesha isane gyaan ka saagar badhaaya.
    har ek parishram se kuchh naya heen sikhaaya.
    na jaane kyoon ajeeb see hai zindagee
    ek pal mein hai koee aur doosare pal mein koee nahin
  • कविता- वो मेरा नहीं

    ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

    वो मेरा नहीं- (दिल का हाल)
    मैं आज भी वैसी ही हूँ, जैसी उसकी पसंद है,
    लेकिन अब वो वैसा नहीं, जैसा मुझे पसंद है !
    वो मेरा पहला प्यार है,
    लेकिन मैं उसका पहला प्यार नहीं
    मैं खुश होती हूँ उसकी हंसी देखकर,
    वो खुश होता है, किसी और की हंसी देखकर !
    मैं तो आज भी उसकी हूँ, ये वो नहीं जानता,
    वो किसी और का है, ये सब जानते हैं !
    – जयति जैन, रानीपुर, झांसी उ.प्र.

  • गर्लफ्रेंड के लिए रोमांटिक कविता – Romantic Poems in Hindi For Girlfriend

.

Previous सेब के 19 फायदे Apple fruit Benefits in Hindi एप्पल बेनेफिट gun khane ka time :
Next 2 Poem On Sawan in Hindi सावन पर कविता सावन के गीत monsoon barish manbhavan :

4 comments

  1. Vikas Kumar Pandey

    Nice line…

  2. Vishal

    nice poem
    mai bhi apna poem bhej sakta hu agar bhej sakta hu to kaise

  3. lucky verma

    Comment: pahli bar kisi ki bat ko itni soch kar padha h hamne

  4. Abhi

    Sad Poem In Hindi on Life

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.