शतावरी चूर्ण के फायदे – Shatavari Churna Benefits in Hindi :

शतावरी चूर्ण के फायदे – Shatavari Churna Benefits in Hindiशतावरी के 25 फायदे || Shatavari Churna Benefits in Hindi side effects powder

शतावरी चूर्ण के फायदे – Shatavari Churna Benefits in Hindi

  • Shatavari एक झाड़ीनुमा पौधा होता है जिसमें फूल और मंजरियाँ 1 और 2 इंच लंबे या गुच्‍छे में लगे होते हैं. इसके फूल, मंजरियाँ, पत्ते सभी उपयोगी हैं. यह अत्यंत उपयोगी आयुर्वेदिक पौधा है. महिलाओं के लिए Shatavari अत्यंत उपयोगी है, पुरुषों के लिए भी यह कई प्रकार से लाभप्रद है. तो आइये जानते हैं Shatavari के फायदे और उपयोग.
  • शतावरी के फायदे और उपयोग :

  • यह महिलाओं में गर्भधारण करने की क्षमता बढ़ाता है.
  • शतावरी का सेवन महिलाओं के स्तन बढ़ाने में भी मदद करता है.

  • 10 ग्राम शतावरी के ताजे रस को पीने से वीर्य बढ़ता है.
  • 5 ग्राम शतावरी के जड़ के चूर्ण को, 2.5 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर 5 Gram सुबह-शाम गाय के दूध के साथ लेने से प्रमेह, प्री-मैच्योर इजेकुलेशन, स्वप्न-दोष में फायदा पहुंचता है.
  • शतावरी के चूर्ण को दूध में डालकर बनाई खीर खाने से पुरूषों में यौन शक्ति बढ़ती है.

  • शतावरी की जड़ के चूर्ण को दूध में मिलाकर सेवन करने से धातु वृद्धि भी होती है.
  • अगर किसी को पेशाब में खून आने की समस्‍या हो, तो उसे शतावरी का सेवन नियमित करना चाहिए.
  • गीली शतावरी को पीसकर दूध में मिला लीजिए, फिर कपड़े से छानकर, घी मिलाकर पका लीजिए.
    खूनी दस्‍त आने पर इसका उपयोग कीजिए.
  • शतावरी का प्रयोग सामान्‍य दिनों में भी किया जा सकता है. सामान्‍य दिनों में प्रयोग करने के लिए,
    4-5 मिनट पानी में उबालकर मिक्‍सर से फेंट लीजिये. इसे फ्रिज में रखिए और दो-दो चम्‍मच सुबह
    शाम प्रयोग कीजिए. इससे कई सामान्य रोग आपको नहीं होंगे.
  • शतावरी के ताजे जड़ को कूट लीजिये, फिर इसका स्वरस निकाल लीजिये और इसमें बराबर मात्रा में
    तिल का तेल मिलाकर पका लीजिये. इस तेल को लगाने से माइग्रेन में फायदा पहुंचता है.
  • यह सुन्दरता निखारता है.
  • शतावरी टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोग से बचाने में मदद करता है.
  • यह किडनी को सुचारू रूप से कार्य करने में भी मदद करता है.

  • यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.
  • शतावरी का सेवन पेट के कैंसर के खतरे को कम कर देता है.
  • शतावरी के 5-10 gram चूर्ण, 10-15 gram घी तथा दूध में डालकर लेने से, नींद न आने की समस्‍या खत्म हो जाती है.
  • बुखार होने पर शतावरी और गिलोय के रस को गुड़ में मिलाकर लेने से लाभ होता है. इससे सामान्‍य और तेज
    दोनों प्रकार के बुखार में फायदा होता है.
  • इसका सेवन बुखार, जलन और पेट के अल्‍सर को दूर करने में मदद करता है.

  • इसके पत्तों के दो चम्मच रस को 2 चम्‍मच दूध में मिलाकर दिन में 2 बार लें, तो इससे आपको शक्ति मिलेगी.
  • शतावरी की जड़ों के चूर्ण को बिना चीनी वाले दूध के साथ सेवन करना मधुमेह में फायदा पहुंचाता है.
  • अगर नवजात शिशु की माँ को दूध नहीं आ रहा हो या दूध कम आ रहा हो, तो शतावरी का सेवन इस समस्या
    से छुटकारा दिलाता है.
  • स्त्री के मासिक धर्म के दौरान अतिरिक्त पानी की वजह से जो वजन बढ़ता है शतावरी उसे कम करती है.
  • शतावरी स्त्रियों की रक्तप्रदर एवं मासिक के दौरान ज्यादा श्राव की समस्या को नियंत्रित करता है.
  • शतावरी का रस सूखी खांसी के लिए बहुत लाभदायक है. कफ में खून आने की बीमारी में भी शतावरी खाने से
    लाभ होता है. खांसी होने पर अडूसे का रस, शतावरी का रस और मिश्री मिलाकर चाटने या तीनों को मिलाकर
    चूर्ण बनाकर खाने से खाँसी खत्म हो जाती है.
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