Recent Posts

तिरंगा पर कविता – Tiranga Jhanda Hindi Kavita Poem Poetry Lines पंक्तियाँ

Tiranga Jhanda Hindi Kavita – poem on tiranga in hindi – tiranga poem in hindi – hindi poem on tiranga – tiranga jhanda poem in hindi – hindi poem on tiranga jhanda
तिरंगा पर कविता - Tiranga Jhanda Hindi Kavita Poem Poetry Lines पंक्तियाँ

 

  • तिरंगा पर कविता – Tiranga Jhanda Hindi Kavita Poem Poetry Lines पंक्तियाँ

 

  • तिरंगा

    बेशक आसमान में लहरा रहा हो
    मगर सच ये है कि…
    खफा हमसे अपना तिरंगा है
    और हो भी क्यों ना
    हम आजाद तो हैं
    मगर समझदार नहीं
    यहाँ इंसान को ही इंसान से प्यार नहीं
    कोई अलगाववाद के गीत गा रहा है
    तो किसी को भारत पराया नजर आ रहा है
    कोई मजहब के नाम पर लोगों में जहर घोल रहा है
    कोई देशद्रोहियों के बोल,कोई देशद्रोह की भाषा बोल रहा है
    वो किसान जो हम सबका अन्नदाता है
    वो खुद को कर्ज में डूबा पाता है
    मजदूर जो सबके घर बनाता है
    वो खुद को झोपड़ी में पाता है
    हमारे फौजी सीमा पर शहीद हो रहे हैं
    तभी हम सभी चैन से घरों में रह रहे हैं
    तिरंगा भी सोचता होगा कि
    क्यों जाति और धर्म देखकर
    सरकारें सुविधाएँ बाँटती है
    क्यों वो कमजोरों के साथ पक्षपात करती हैं
    हमारा तिरंगा हमसे उम्मीद करता है कि
    हम एक साथ मिलकर आगे बढ़ें
    हम एक साथ मिलकर नये कीर्तिमान गढें
    – आंचल वर्मा

  • विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

    विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
    झंडा ऊंचा रहे हमारा।
    सदा शक्ति बरसाने वाला,
    प्रेम सुधा सरसाने वाला,
    वीरों को हरषाने वाला,
    मातृभूमि का तन-मन सारा।। झंडा…।
    स्वतंत्रता के भीषण रण में,
    लखकर बढ़े जोश क्षण-क्षण में,
    कांपे शत्रु देखकर मन में,
    मिट जाए भय संकट सारा।। झंडा…।
    इस झंडे के नीचे निर्भय,
    लें स्वराज्य यह अविचल निश्चय,
    बोलें भारत माता की जय,
    स्वतंत्रता हो ध्येय हमारा।। झंडा…।
    आओ! प्यारे वीरो, आओ।
    देश-धर्म पर बलि-बलि जाओ,
    एक साथ सब मिलकर गाओ,
    प्यारा भारत देश हमारा।। झंडा…।
    इसकी शान न जाने पाए,
    चाहे जान भले ही जाए,
    विश्व-विजय करके दिखलाएं,
    तब होवे प्रण पूर्ण हमारा।। झंडा…।
    विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
    झंडा ऊंचा रहे हमारा।
    रचनाकाल : 1924
    – श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’

 

  • भारत का झण्डा

    भारत का झण्डा फहरै।
    छोर मुक्ति-पट का क्षोणी पर,
    छाया काके छहरै॥
    मुक्त गगन में, मुक्त पवन में,
    इसको ऊँचा उड़ने दो।
    पुण्य-भूमि के गत गौरव का,
    जुड़ने दो, जी जुड़ने दो।
    मान-मानसर का शतदल यह,
    लहर लहर का लहरै।
    भारत का झण्डा फहरै॥
    रक्तपात पर अड़ा नहीं यह,
    दया-दण्ड में जड़ा हुआ।
    खड़ा नहीं पशु-बल के ऊपर,
    आत्म-शक्ति से बड़ा हुआ।
    इसको छोड़ कहाँ वह सच्ची,
    विजय-वीरता ठहरै।
    भारत का झण्डा फहरै॥
    इसके नीचे अखिल जगत का,
    होता है अद्भुत आह्वान!
    कब है स्वार्थ मूल में इसके ?
    है बस, त्याग और बलिदान॥
    ईर्षा, द्वेष, दम्भ; हिंसा का,
    हदय हार कर हहरै।
    भारत का झण्डा फहरै॥
    पूज्य पुनीत मातृ-मन्दिर का,
    झण्डा क्या झुक सकता है?
    क्या मिथ्या भय देख सामने,
    सत्याग्रह रुक सकता है?
    घहरै दिग-दिगन्त में अपनी
    विजय दुन्दभी घहरै।
    भारत का झण्डा फहरै॥
    – मैथिलीशरण गुप्त

 

अगर आप कविता, कहानी इत्यादि लिखने में सक्षम हैं, तो हमें अपनी रचनाएँ 25suvicharhindi@gmail.com पर भेजें. आपकी रचनाएँ मौलिक और अप्रकाशित होनी चाहिए.

About Abhi

Hi, friends, SuvicharHindi.Com की कोशिश है कि हिंदी पाठकों को उनकी पसंद की हर जानकारी SuvicharHindi.Com में मिले. SuvicharHindi.com में आपको Hindi shayari, Hindi Ghazal, Long & Short Hindi Slogans, Hindi Posters, Hindi Quotes with images wallpapers || Hindi Thoughts || Hindi Suvichar, Hindi & English Status, Hindi MSG Messages 140 words text, Hindi wishes, Best Hindi Tips & Tricks, Hindi Dadi maa ke Gharelu Nuskhe, Hindi Biography jeevan parichay jivani, Cute Hindi Poems poetry || Awesome Kavita, Hindi essay nibandh, Hindi Geet Lyrics, Hindi 2 sad / happy / romantic / liners / boyfriend / girlfriend gf / bf for facebook ( fb ) & whatsapp, useful 1 one line rs मिलेंगे. हमारे Website में दी गई चिकित्सा सम्बन्धित जानकारियाँ / Upay / Tarike / Nuskhe केवल जानकारी के लिए है, इनका उपयोग करने से पहले निकट के किसी Doctor से सलाह जरुर लें.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!