Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Latest Posts - इन्हें भी जरुर पढ़ें ➜

वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan :

Tags : veer ras ke udaharan veer ras ke udaharan easy veer ras ke udaharan batao veer ras ke udaharan bataiye veer ras ke udaharan in marathi veer ras ke udaharan hindi mai veer ras ke udaharan class 10 veer ras ke udaharan sahit veer ras ke udaharan aur paribhasha veer ras ke examples veer ras ke saral udaharan veer ras ke 10 udaharan veer ras ke 5 udaharan veer ras ke aasan udaharan veer ras ke chote udaharan veer ras ki paribhasha udaharan sahit veer ras ki paribhasha udaharan veer ras ki paribhasha udaharan sahit likhiye veer ras ki paribhasha udaharan sahit hindi mai veer ras ki paribhasha udaharan sahit dijiye veer ras ki paribhasha udaharan sahit in hindi veer ras ki paribhasha aur udaharan veer ras ki paribhasha evam udaharan veer ras ke udaharan hindi mein veer ras ke udaharan in hindi veer ras ka udaharan in hindi veer ras udaharan in hindi veer ras ke udaharan jhansi ki rani veer ras ke udaharan marathi वीर रस के उदाहरण हिंदी में veer ras ke udaharan sahit paribhasha veer ras ka paribhasha udaharan sahit veer ras ke udaharan simple veer ras ki paribhasha tatha udaharan वीर रस के उदाहरण बताओ वीर रस के उदाहरण बताइए veer ras ka udaharan bataiye वीर रस उदाहरण veer ras ka udaharan hindi mein veer ras ka udaharan hindi mai

वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan
वीर रस के उदाहरण - Veer Ras Ke Udaharan

वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan

  • साजि चतुरंग सैन अंग मैं उमंग धारि,
    सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है ।
    भूषन भनत नाद बिहद नगारन के,
    नदी नद मद गैबरन के रलत हैं ॥
  • बुन्देले हर बोलो के मुख हमने सुनी कहानी थी
    खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी ।
  • वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो।
    हाथ में ध्वज रहे बाल दल सजा रहे,
    ध्वज कभी झुके नहीं दल कभी रुके नहीं 
    वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो

.

  • मैं सत्य कहता हूं, सके सुकुमार न मानो मुझे।

    यमराज से भी युद्व को, प्रस्तुत सदा मानो मुझे।।

  • वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan
  • ​यह भूमी है वीरों की

    देशभक्त और शहीदों की
    झुकते नहीं दबते नहीं
    पीछे कदम हटते नहीं
    यह भूमि है रणवीरों की​
    आए मुसीबत जो देश पर
    तब सब कुछ हम छोड़कर
    खुद को खुद से ही दूर कर
    बन जाते हैं हम ऐसे जलजले
    जिस की तपस में सब  जले ​
    सीने हैं अपने फौलादी से
    जीते हैं हम संग आजादी के
    दुश्मन की यह औकात कहाँ
    जो ​आँख उठे वह आँख कहाँ
    सीने कर ले छलनी  गोली से
    देश हमको जाति धर्म से ऊँचा है
    खून पसीने से इसको तो सींचा है
    बैर भाव कोई अपने मन में नहीं
    तूफानों से हम सब कम तो नहीं
    यह देश है उपवन बाग सरीखा है .
    सीने पर जब भी लागी गोली
    भारत माता बोले हम हमजोली
    मान  देश का न कभी झुकने दिया
    घास खाई फिर चाहे जहर पिया
    जय घोष हमारा सारी दुनियाँ बोली .
    यह ​बंदूकें  क्या  हमें  डराएंगी 
    शोले आँखों से हम छलकाते हैं
    रुक जाती है वायु भी बहना
    जब सीने चौंडे कर हम आते हैं
    यूँ ही नहीं दुनियाँ में हम
    हिंदवासी कहलाते हैं .

  • ​- ​राशि सिंह
  • ​मुरादाबाद उत्तर प्रदेश
  • वीर रस के उदाहरण – Veer Ras Ke Udaharan
  • Veer Tum Badhe Chalo Poem – वीर तुम बढ़े चलो कविता

.

Lock down के दौरान अपना समय कैसे बतायेंगे हमें बताएँ. अपनी रचनाएँ 25suvicharhindi@gmail.com पर भेजें. अच्छी रचनाएँ प्रकाशित की जाएँगी.

About Abhi @ SuvicharHindi.Com ( SEO, Tips, Thoughts, Shayari )

Hi, Friends मैं Abhi, SuvicharHindi.Com का Founder और Owner हूँ. हमारा उद्देश्य है Visitors के लिए विभन्न प्रकार की जानकारियाँ उपलब्ध करवाना. अगर आप भी लिखने का शौक रखते हैं, तो 25suvicharhindi@gmail.com पर अपनी मौलिक रचनाएँ जरुर भेजें.
Previous सुमित्रानंदन पन्त की कविताएँ – Sumitranandan Pant Poems in Hindi :
Next फौजी Love शायरी – Fauji Love Status in Hindi Shayari Quotes :-

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.